संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। शहर में घूम रहे कुत्तों को पकड़ने के लिए नगर परिषद निजी कंपनी को ठेका देने जा रही है। कंपनी शहर में कुत्तों को पकड़ेगी। इसके बाद डॉक्टर कुत्तों की नसबंदी और वैक्सीनेशन करेंगे। इसको लेकर नगर परिषद ने मंगलवार को टेंडर जारी कर दिया है। यह टेंडर अब 29 फरवरी को खोला जाएगा।
शहर में कुत्तों के काटने के मामले रोजाना बढ़ रहे हैं। रोजाना नागरिक अस्पताल में 10 से 15 लोग एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंच रहे है। अहम बात यह है कि मॉडल टाउन क्षेत्र में ही सबसे ज्यादा कुत्तों का आतंक है। इसके निजात दिलाने के लिए नगर परिषद ने करीब तीन महीने पहले प्रस्ताव तैयार किया था। लेकिन नियमों के फेर में अफसरों की टेबल पर फाइल अटकी रही। अब सारे नियम पूरे होने पर नगर परिषद ने टेंडर जारी कर दिया है। टेंडर में नगर परिषद ने 36 शर्तें लगाई है। इसमें मुख्य तौर पर कंपनी को खुद वेटरनरी सर्जन रखना होगा। शहर में एक साल के अंदर इस प्रोजेक्ट को पूरा करना होगा। पहले एक क्षेत्र से कुत्तों को पकड़ा जाएगा। इसके बाद उनके ऑपरेशन और क्वारंटीन समय पूरा होने के बाद वापस उसी जगह पर छोड़ा जाएगा। कुत्तों के नसबंदी और टीकाकरण के बाद टैगिंग भी करनी होगी। पार्षद अर्जुन कटारिया का कहना है कि मॉडल टाउन जो कि सबसे ज्यादा पॉश इलाका माना जाता है वह भी सुरक्षित नहीं है। अफसरों को समाधान के लिए कई बार कहा जा चुका है।
नगर परिषद ने की शर्तें
- वर्क आर्डर मिलने के एक सप्ताह में नियम व शर्तों के अनुरूप नगर परिषद से इकरारनामा करना होगा।
- अनुभवी कर्मचारियों को ही कुत्ते पकड़ने के लिए रखा जाएगा।
- वेटरनरी डॉक्टर का प्रबंध करना होगा।
- कुत्ते पकड़े के साधन, एंटी रेबीज दवाई, कुत्ते की खुराक, बीमार होने पर दी जाने वाली दवाई इत्यादि का प्रबंध करना होगा।
- कुत्तों के लिए स्थान, पानी, बिजली, ऑपरेशन थियेटर, पंखा, दवाई रखने के लिए फ्रिज, सामान रखने के लिए अलमारी व फर्नीचर का प्रबंध करना होगा।
कुत्तों को पकड़ते समय कोई निर्दयता नहीं बरती जानी चाहिए। वर्ष 2001 व 2023 में दी गई हिदायतों का अनुपालन करना होगा।
- ठेकेदार द्वारा जिस क्षेत्र से नर व मादा कुत्तों को पकड़ा जाएगा, उनका रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज करना होगा तथा ऑपरेशन के बाद कुत्तों को पकड़े गए स्थान पर छोड़ना होगा। स्थान की पहचान के लिए कुत्ते के गले में उस क्षेत्र के नाम का टैग लगा हो और छोडने बाद उस टैग को हटाना होगा।
- कुत्तों को पकड़ने के लिए खुद का वाहन होना चाहिए। वाहन के आगे नगर परिषद का बैनर लगा होना चाहिए।
- बिल की अदायगी पशुपालन विभाग के डॉक्टर व इस कार्य के लिए गठित की गई कमेटी के द्वारा सत्यापन बाद की जाएगी।
- कुत्तों को पकड़ने के लिए एजेंसी चिमटे व तारों का इस्तेमाल नही करेगी।
- नसबंदी हेतु शल्य क्रिया से ठीक होने के बाद कुत्तों को कम से कम 4 दिन के लिए चयनित जगह पर रखा जाएगा।
शहर में कुत्तों को पकड़ने और उनकी नसबंदी व टीकाकरण को लेकर टेंडर लगा दिया गया है। टेंडर 29 फरवरी को खोला जाएगा। - राजेंद्र सोनी, ईओ नगर परिषद