फतेहाबाद। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम (एसीबी) ने सोमवार को कोर्ट परिसर में 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए पंचकूला शिक्षा विभाग में तैनात क्लर्क कुलदीप को मंगलवार को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संतोष बागोतिया की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी कुलदीप को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हिसार जेल भेज दिया है।
गौरतलब है कि एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम (एसीबी) ने सोमवार को कोर्ट परिसर से पंचकूला शिक्षा विभाग में तैनात क्लर्क कुलदीप को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इस मामले में शिकायतकर्ता गांव चिंदड़ निवासी कालूराम ने बताया था कि उनके पिता भाल सिंह, चिंदड़ के सरकारी स्कूल में सेवादार के पद पर कार्यरत थे। उनकी मृत्यु के बाद उसने अनुकंपा नीति के तहत नौकरी का दावा कोर्ट के जरिये किया था।
कोर्ट केस में सहायता के नाम पर पंचकूला शिक्षा विभाग में तैनात आरोपी क्लर्क कुलदीप 1.60 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था। शिकायतकर्ता कालूराम ने इसकी सूचना एंटी करप्शन ब्यूरो हिसार को दे दी। इसके बाद एसीबी की टीम ने पंचकूला से फतेहाबाद कोर्ट में आए क्लर्क कुलदीप को 20 हजार की रिश्वत लेने के आरोप में मौके पर ही धर दबोचा था।
शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी क्लर्क उसे बार-बार कहता था कि मेरी ऊपर तक सेटिंग है। मुझे रुपये दे दो। ये रुपये वकील व अन्य लोगों को भी देने होते हैं। एक बार मुझे 20 हजार रुपये दे दो। कोर्ट में लगाए गए केस में मैं तुम्हारी मदद कर दूंगा। कोर्ट परिसर में रिश्वत लेने के मामले में पकड़े क्लर्क ने फाइल निकालने के नाम पर छह साल पहले भी 50 हजार लिया था। इसके बावजूद काम न होने पर शिकायतकर्ता ने कोर्ट का सहारा लिया था। कालूराम ने बताया कि नौकरी मिल जाए इसलिए उसने रुपये दे दिए, लेकिन उसके बाद आरोपी ने जवाब तक नहीं दिया।