शहर की स्वच्छता जांचने के लिए इस माह सर्वेक्षण होने जा रहा है। केंद्र की टीम किसी भी दिन आकर स्वच्छता जांच कर सकती है। निरीक्षण के आधार पर टीम शहर को नंबर देकर रैंकिंग तय करेगी। स्वच्छता सर्वेक्षण में लोगों का भी अहम योगदान रहने वाला है कि वह सफाई को लेकर कितने संतुष्ट है। अगर लोग अपनी राय नहीं देते हैं तो रैंकिंग बिगड़ सकती है। जाखल शहर का पहली रैंकिंग में खेल बिगड़ सकता है। जाखल के एक हजार लोगों ने भी स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर फीडबैक नहीं दिया है। यहां तक कि टोहाना शहर भी रतिया से पिछड़ता नजर आ रहा है। नगर निकाय के आंकड़ों के मुताबिक फतेहाबाद में 12400, भूना में 6139, रतिया में 7721, टोहाना में 6802 तथा जाखल मंडी में 699 लोगों ने स्वच्छता को लेकर अपना फीडबैक दिया है।
शहर एप पोर्टल कॉल द्वारा
फतेहाबाद 12256 141 3
भूना 6131 8 0
रतिया 7390 331 0
टोहाना 6714 88 2
जाखलमंडी 659 140 0
फीडबैक की मॉनीटरिंग हुई शुरू, फर्जीवाड़ा की होगी जांच
केंद्र की टीम ने फीडबैक की मॉनीटिरिंग शुरू कर दी है। जिन लोगों ने एप, पोर्टल के जरिये फीडबैक दिया है उसकी क्रास जांच शुरू हो गई है। केंद्र की टीम फोन करके फीडबैक देने वालों से दोबारा पूछ रही है कि वह कितने संतुष्ट हैं।
इन अंकों के आधार पर मिलेगा शहर को स्थान
कुल अंक- 6000
फीडबैक - 1800 अंक
स्टार रेटिंग - 1100 अंक
ओडीएफ - 700 अंक
सेवा स्तर की प्रगति- 2400
तीन सालों के स्वच्छ सर्वेक्षण का परिणाम
शहर 2020 2019 2018
फतेहाबाद 27 177 191
टोहाना 26 329 289
भूना 105 399 172
रतिया 137 984 572
फतेहाबाद में सफाई को लेकर शहर के हालात
कर्मचारी - 172
टाटा ऐस गाड़ी - 13
घर - 25000
जनसंख्या - 1.25 लाख
डंपिग प्वाइंट - 8
डंपिंग साइट - 1
रोजाना निकल रहा कचरा - 40 टन
डंपिंग साइट पर जमा कचरा - 47 हजार टन
शौचालयों की सफाई और नाइट स्वीपिंग में लग सकता झटका
स्वच्छता सर्वेक्षण के अनुसार शहर में रात के समय औद्योगिक क्षेत्र में सफाई होनी चाहिए। इसके अलावा डस्टबिन लगे होने चाहिए। शौचालयों की सफाई होनी चाहिए और कर्मचारी तैनात होने चाहिए। लेकिन फतेहाबाद शहर में ऐसी व्यवस्था नहीं है। शौचालयों की हालत खराब है इसके अलावा नाइट स्वीपिंग टेंडर भी अटका हुआ है। गीला व सूखा कचरा को लेकर भी लोग गंभीर नहीं है।
कोट
स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर इस माह किसी भी दिन टीम आ सकती है। लोगों का खुद जागरूक होकर फीडबैक देना चाहिए ताकि शहर को अच्छी रैंकिंग मिल सके। सफाई व्यवस्था सुधारने में टीम जुटी हुई है।
- कुमार सौरभ, इंचार्ज, स्वच्छ भारत मिशन।