फतेहाबाद। शहर में नगर परिषद के सार्वजनिक शौचालयों की सफाई इस बार 18 लाख रुपये महंगी होने जा रही है। महंगी किसी और ने नहीं बल्कि नगर परिषद के अधिकारी खुद कर रहे हैं। नगर परिषद अधिकारियों ने सार्वजनिक शौचालयों की सफाई के लिए 43 लाख रुपये का बजट बनाया है। यानि की एक साल में 16 शौचालयों की सफाई पर 43 लाख रुपये खर्च होंगे। जबकि पिछले साल इन सार्वजनिक शौचालयों की सफाई 25 लाख रुपये में हो रही थी।
नगर परिषद अफसर भी फिलहाल शहर के शौचालयों की सफाई को लेकर एस्टीमेट में ही उलझ रहे हैं। एस्टीमेट बनाकर जिला नगर आयुक्त को भेजा गया है। यहां से मंजूरी के बाद प्रक्रिया शुरू होगी। जबकि इन शौचालयों की सफाई का ठेका साढ़े तीन माह पहले खत्म हो चुका है। नगर परिषद अधिकारियों की माने तो सार्वजनिक शौचालयों पर कर्मचारी तैनात रहेगा। जो कि सफाई के साथ-साथ निगरानी भी रखेगा। शहर में करीब 16 सार्वजनिक शौचालय हैं। जिसमें पार्क में बने शौचालय भी शामिल हैं।
कर्मचारियों की लगाई ड्यूटी, नहीं हो रही सफाई
नगर परिषद सफाई को लेकर निजी एजेंसी को ठेका देता था। एजेंसी को सफाई के साथ-साथ मरम्मत कार्य भी करवाने होते है। मार्च माह में ठेका खत्म हो गया था। इसके बाद नगर परिषद अनुबंध पर कर्मचारी रखने की प्लानिंग करता रहा। लेकिन सहमति नहीं बनी। नगर परिषद ने खुद के कर्मचारियों की सफाई को लेकर जिम्मेदारी तय कर दी। लेकिन कर्मचारी सफाई को लेकर लापरवाही बरत रहे है। पिछले दिनों ओडीएफ को लेकर आई टीम को भी जांच के दौरान शौचालयों पर गंदगी मिली थी।
शौचालय को लेकर बीएडंआर ने दी एनओसी
शहर के पुराना बस स्टैंड के सामने बन रहे सार्वजनिक शौचालय को लेकर पीडब्ल्यूडी बीएडंआर ने एनओसी दे दी है। नगर परिषद ने फुटपाथ पर ही शौचालय का निर्माण करवा दिया था। पहले शौचालय कुछ मार्केट कमेटी की जगह पर बना था लेकिन दोबारा निर्माण के दौरान मार्केट कमेटी ने मना कर दिया। फुटपाथ पर शौचालय निर्माण शुरू होने के बाद विवाद शुरू हो गया था। इसके बाद नगर परिषद ने एनओसी मांगी थी जो कि मिल गई है।
कोट
सार्वजनिक शौचालयों की सफाई को लेकर एस्टीमेट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। शुक्रवार को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। शौचालय पर कर्मचारी तैनात रहेगा। इसके चलते एस्टीमेट ज्यादा बना है।
-मुकेश शर्मा, सीएसआई, नगर परिषद