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सफाई व्यवस्था होगी प्रभावित

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नगर परिषद के सफाई कर्मचारी एक बार फिर तीन दिन की हड़ताल पर जा रहे हैं। इसके चलते शहर में सफाई व्यवस्था पर खतरा मंडरा सकता है। इसको लेकर नगर परिषद ने कमर कस ली है और नप के कर्मचारियों मनाने का प्रयास शुरू कर दिया है। वीरवार को नप अधिकारियों ने दरोगा और ड्राइवरों की मीटिंग बुलाई।
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मीटिंग में ड्राइवरों और दरोगा ने हड़ताल में शामिल न होने का आश्वासन दिया। मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे मुख्य सफाई निरीक्षक मुकेश शर्मा और स्वच्छ भारत मिशन के जिला संयोजक कुमार सौरभ ने निर्णय लिया कि कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने पर इमरजेंसी सफाई व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी। क्वारंटीन सेंटर और मुख्य रोड पर सफाई व्यवस्था जारी रहेगी। यहां पर नप के ड्राइवर और दरोगा सफाई व्यवस्था संभालेंगे। अगर किसी कारण हड़ताल लंबी चलती है तो डीसी से अनुमति लेकर अस्थायी कर्मचारी रखकर व्यवस्था बनाई जा सकती है।
रोजाना निकलता है 50 टन कचरा : नप अधिकारियों के मुताबिक शहर से रोजाना 40 से 50 टन कचरा निकलता है। नप के पास इस दौरान रेगुलर 44 तथा अनुबंध पर 123 कर्मचारी हैं। करीब 14 कर्मचारी टाटा ऐस गाड़ियों पर हैं जो कि घर-घर से कचरा एकत्रित करते हैं। नप अधिकारियों का कहना है कि 6 से 8 जुलाई तक तीन दिन की राज्यव्यापी हड़ताल है। अगर कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं तो ड्राइवर और दरोगा से काम चलाने का प्रयास किया जाएगा। अगर हड़ताल लंबी चलती है तो उपायुक्त की परमिशन लेकर अस्थाई कर्मचारी रखे जा सकते हैं। कोरोना महामारी के चलते क्वारंटीन सेंटरों में सफाई व्यवस्था जरूरी है।
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तीन दिन की कर्मचारियों की हड़ताल है, हमारा प्रयास है कि शहर में सफाई व्यवस्था न बिगड़े इसके लिए कर्मचारियाें को मनाने का प्रयास किया है। प्लानिंग भी बनाई गई है कि इस दौरान कैसे व्यवस्था संभालनी है।
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- मुकेश शर्मा, मुख्य सफाई निरीक्षक, नप।
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