भूना। नगर पालिका में चेयरपर्सन और अधिकारियों के बीच एक बार फिर विवाद गहरा गया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं और मामला अब डीएमसी कार्यालय तक पहुंच गया है। चेयरपर्सन अर्पणा पंकज पसरीजा ने आरोप लगाया कि बाढ़ के दौरान पानी निकासी कार्य में तीन लाख रुपये से अधिक का फर्जी बिल पास कराने के लिए उन पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले से वह मानसिक रूप से परेशान हैं और जल्द ही इसकी शिकायत महिला आयोग में भी करेंगी। जेई लोकेंद्र ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि चेयरपर्सन के बजाय उनके पति अधिकारियों पर अनुचित कार्य करवाने का दबाव बनाते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिलों में गड़बड़ी का मुद्दा उठाकर कुछ राशि एक ट्रस्ट के नाम पर देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। ऐसा न करने पर अधिकारियों को बार-बार निलंबित करवाने की धमकी दी जाती है।
चेयरपर्सन की शिकायतों के आधार पर पहले पालिका सचिव का तबादला हो चुका है जबकि जेई और अकाउंटेंट को निलंबन का सामना करना पड़ा। हाल ही में जेई का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे लोकेंद्र बेनीवाल के खिलाफ भी नगर आयुक्त को शिकायत भेजकर उन्हें निलंबित करने की मांग की गई है। संवाद