फतेहाबाद। जिले के सरकारी अस्पतालों में मेडिकल ऑफिसर के करीब 60 फीसदी तक पद खाली हैं। ऐसे में विशेषज्ञों के पदों की स्थिति और स्वास्थ्य सेवाओं का खुद ही अंदाजा लगाया जा सकता है। सिविल सर्जन कार्यालय ने स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय को विशेषज्ञों के खाली पदों को भरने के लिए डिमांड भेजी है।
सिविल सर्जन कार्यालय की तरफ से जनरल सर्जन, एनेस्थेसिया, एमडी मेडिसिन, गायनोक्लॉजिस्ट, छाती एवं टीबी, पेडिट्रिशियन, स्किन, एमडी रेडियोलॉजिस्ट, यूरोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट, ऑर्थो, गेस्ट्रोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट, माइक्रोबायलॉजिस्ट विशेषज्ञ की डिमांड भेजी गई है। नागरिक अस्पताल में हालात ये हैं कि यहां पर करीब पांच साल से मेडिसिन, सर्जन के पद खाली पड़े हैं। पिछले दिनों हड्डी रोग विशेषज्ञ का पद भी खाली हो गया है।
- विशेषज्ञ ओपीडी छोड़ चला रहे है इमरजेंसी वार्ड
नागरिक अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के पद खाली होने से विशेषज्ञ को ओपीडी छोड़ इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी करनी पड़ रही है। सप्ताह में एक दिन विशेषज्ञ की ड्यूटी इमरजेंसी वार्ड में लगाई गई है। नागरिक अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के 42 पद हैं लेकिन यहां पर 16 ही कार्यरत हैं। जिले से सात डॉक्टर पीजी करने के लिए जा रहे हैं।
- जिले के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को लेकर समय-समय पर डिमांड मुख्यालय को भेजी जा रही है। उम्मीद है जल्द काफी हद तक समस्या का समाधान हो जाएगा। विशेषज्ञों की डिमांड भी मुख्यालय को भेजी गई है।
- मेजर डॉ. शरद तुली, उप सिविल सर्जन, फतेहाबाद।