फतेहाबाद में पकड़े जा रहे बंदरस्त्रोत नगर परिषद
फतेहाबाद। शहर में एजेंसी ने बेसहारा पशुओं को पकड़ने का काम शुरू कर दिया है। नगर परिषद ने एजेंसी को करीब 1020 रुपये प्रति पशु के हिसाब से एजेंसी को ठेका दिया है। साथ ही नगर परिषद ने शर्त रखी है कि अगर 31 जुलाई तक शहर बेसहारा पशु मुक्त नहीं हुआ तो एजेंसी को भुगतान नहीं होगा।
बता दें कि नगर परिषद ने वर्ष 2024 में भी रेवाड़ी की एजेंसी को पशुओं को पकड़ने का ठेका दिया था। इस बार भी नगर परिषद ने इसी एजेंसी को 10 प्रतिशत बढ़ाकर ठेका दिया है। एजेंसी ने पिछले साल 1100 पशु पकड़ने का दावा किया और इसका भुगतान हुआ लेकिन बावजूद इसके बाद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। सड़कों पर अभी भी बेसहारा पशुओं की भरमार है।
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बंदरों को पकड़ने और छोड़ने की जीपीएस रिपोर्ट मांगी
नगर परिषद प्रशासन ने शहर में बंदरों को पकड़ने के लिए भी एजेंसी को बुलवाया है। शहर में पिछले कई दिनों से बंदरों को पकड़ने का अभियान बंद है। नगर परिषद एजेंसी को 2200 रुपये प्रति बंदर के हिसाब से भुगतान कर रहा है। भुगतान तब होगा जब एजेंसी बंदरों को पकड़ने और छोड़ने की जीपीएस फोटो देगी।
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कुत्तों की नसबंदी अभियान फिर शुरू
शहर में आवारा कुत्तों की नसबंदी अभियान फिर से शुरू हो गया है। अप्रैल में भी एजेंसी ने कुत्तों का नसबंदी अभियान शुरू किया था, लेकिन दो दिन बाद ही जीव प्रेमियों ने अव्यवस्था की बात कहकर हंगामा कर दिया था। इसके बाद एजेंसी ने काम बंद कर दिया। अब केंद्र में व्यवस्था के बाद एजेंसी ने दोबारा काम शुरू किया है। नगर परिषद ने एजेंसी को 982 रुपये प्रति कुत्ते के हिसाब से ठेका दिया है।
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शहर को 31 जुलाई तक बेसहारा पशु मुक्त कर दिया जाएगा। एजेंसी को सख्त चेतावनी दी गई है। बंदरों को पकड़ने का अभियान भी शुरू है। अगर कहीं समस्या है तो नगर परिषद में सफाई शाखा में संपर्क किया जा सकता है।
- राजेंद्र सोनी, ईओ, नगर परिषद