नगर परिषद कार्यालय में प्रॉपर्टी आईडी को लेकर एमई सुमित चोपड़ा, जेई कौशल व दो अन्य कर्मचारियों के साथ हुई मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मारपीट करने वाले आरोपी राजेंद्र चौधरी उर्फ काका, पूर्व पार्षद सुभाष पपीया व कृष्ण नैन की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मंगलवार को नप अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर रहे। अधिकारियों व कर्मचारियों ने कार्यालय को ताला लगाकर परिसर में धरना दिया। अधिकारियों व कर्मचारियों ने साफ कह दिया कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होते तब तक हड़ताल जारी रहेगी। पुलिस ने सोमवार रात को एमई सुमित चोपड़ा की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, मारपीट व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया था लेकिन अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
नप के ईओ अरविंद बाल्याण, कार्यकारी अभियंता अमित कौशिक, एमई, जेई, सीएसआई, क्लर्क, व सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से कामकाज ठप रहा। सफाई कर्मचारी भी काम पर नहीं गए, इसके चलते शहर में सफाई नहीं हुई और न ही कचरा उठा। एक दिन की हड़ताल से शहर में 35 टन कचरा इकट्ठा हो गया है। समर्थन में रतिया और टोहाना में नप कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
सोमवार को नगर परिषद में हुए घटनाक्रम को लेकर प्रॉपर्टी डीलर प्रधान घनश्याम आनंद के नेतृत्व में लघु सचिवालय में इकट्ठे हुए। प्रॉपर्टी डीलरों ने लघु सचिवालय के पार्क में करीब दो घंटे तक बैठक की। बैठक में पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता बलवान सिंह दौलतपुरिया भी समर्थन देने के लिए पहुंचे। बैठक में मुख्य तौर पर भीमसेन आनंद, डीपी यादव, विजय निर्मोही, पूर्ण चौधरी, राजेंद्र चौधरी, सुभाष पपीया, किशोरी लाल नारंग, राकेश गंभीर, नरेश बजाज, यश तनेजा और जजपा नेता विकास मेहता समेत शहर के कई लोग मौजूद रहे। बैठक के बाद पूर्व विधायक बलवान सिंह के साथ प्रॉपर्टी डीलर एसपी राजेश कुमार को शिकायत देने के लिए जाने लगे तो गेट पर पुलिस कर्मचारियों ने रोक लिया। पुलिस कर्मचारियों ने कहा कि पांच से ज्यादा लोग नहीं जा सकते इसको लेकर प्रॉपर्टी डीलर भड़क गए और पुलिस कर्मचारियों के साथ धक्कामुक्की शुरू कर दी। मामला बढ़ता देख पुलिस कर्मचारियों ने 21 लोगों को एसपी कार्यालय में भेज दिया। पहले प्रॉपर्टी डीलर डीएसपी दलजीत बैनीवाल के कक्ष में चले गए यहां भी डीएसपी के साथ गहमागहमी हो गई और कक्ष से बाहर निकल आए।
पूर्व विधायक बलवान सिंह के साथ प्रॉपर्टी डीलर पहले एसपी राजेश कुमार से मिले। प्रॉपर्टी डीलरों ने कहा कि राजेंद्र चौधरी, सुभाष पपीया और कृष्ण नैन पर पुलिस ने गलत मामला दर्ज किया है, नप कर्मचारी ने हमला किया था। उसकी वीडियो भी सामने आ चुकी है। एसपी ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच करवाई जाएगी। इसके बाद प्रॉपर्टी डीलर डीसी महावीर कौशिक से मिले। प्रॉपर्टी डीलरों ने आरोप लगाया कि नगर परिषद कार्यालय में बिना रिश्वत दिए प्रॉपर्टी आईडी जारी नहीं होती है। जिला नगर आयुक्त डॉ. मुनीश नागपाल के पास फाइल आती है तो वह भी दस्तावेज पूरे होने के बावजूद फाइल वापस भेज देते हैं। प्रॉपर्टी आईडी की समस्या का समाधान करवाया जाए और लोगों को चक्कर न कटवाए जाएं।
जिला नगर आयुक्त पर हम आरोप झूठे नहीं लगा रहे हैं अगर कोई फाइल जाती है तो उसे वापस भेज देते है। यहां पर कुछ लोग छोड़े गए हैं, जिनके जरिए लेनदेन होता है। प्रॉपर्टी आईडी को लेकर अगर यहां समाधान नहीं हुआ तो नगर निकाय मंत्री अनिल विज के सामने मामला रखा जाएगा। - गुलशन रूखाया, उप प्रधान, प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन।
नगर परिषद में प्रॉपर्टी आईडी की समस्या नहीं नहीं है। प्रॉपर्टी सेल-परचेज में आईडी सबसे बड़ी रुकावट बनी हुई है। आईडी को लेकर जिले में आए दोनों डीएमसी अपनी-अपनी गाइडलाइन जारी कर चुके है लेकिन समस्या कम होने की जगह बड़ी है। हालात ये है कि 200 से 225 फाइलें डीएमसी और नप कार्यालय में लंबित पड़ी है। जिला नगर आयुक्त डॉ. मुनीश नागपाल ने 18 शर्तो का प्रोफार्मा जारी किया। इसके तहत फाइल ऑनलाइन ली जानी थी लेकिन डीएमसी कार्यालय खुद ही मैनुअल फाइल ले रहा है। नप से फाइल क्लीयर होकर जाने के बावजूद डीएमसी कार्यालय उस पर आपत्ति लगाकर भेज रहा है। हाल ही में नप कार्यालय में 166 फाइलें लंबित मिलने पर डीएमसी डॉ. मुनीश नागपाल को 200 गज जगह तक की प्रॉपर्टी आईडी की पावर नप अधिकारियों को देनी पड़ी थी।
नगर परिषद अधिकारियों और प्रॉपर्टी डीलरों के बीच जो विवाद हुआ है वह मामला मेरे संज्ञान में आय है। प्रॉपर्टी डीलरों ने अपना पक्ष रखा है, नप अधिकारी व कर्मचारियों का पक्ष भी लिया जाएगा। दोनों पक्षों का जो विवाद है उसका निपटान करवा दिया जाएगा। जहां तक हड़ताल की बात है समस्या का निपटान करवाया जाएगा। - महावीर कौशिक, डीसी।