फतेहाबाद। शहर में उत्पात मचा रहे बंदरों की वजह से नगर परिषद प्रधान और ईओ में लड़ाई हो गई। प्रधान राजेंद्र खिंची ने बंदरों के मसले पर ईओ ऋषिकेश चौधरी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है। दरअसल, शहर में से बंदरों को पकड़ने के लिए एजेंसी को ठेका दिए जाने के बाद नहीं पकड़े जाने पर गुस्साए कॉलोनी निवासियों ने बुधवार सुबह नगर परिषद कार्यालय में हंगामा किया। इसी के साथ नगर परिषद में एक बार फिर से खींचतान बढ़ गई है।
जगजीवनपुरा, बीमा कॉलोनी, सूर्या इंक्लेव के निवासी पहले ईओ ऋषिकेश चौधरी व सीएसआई से मिले और एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया। कार्यालय में प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची के पहुंचने के बाद कॉलोनी निवासियों ने उनके समक्ष भी बंदरों से संबंधित परेशानी रखी। प्रधान ने ईओ को अपने कार्यालय में बुलाया और संबंधित दस्तावेज मांगे। इस दौरान ईओ ने दस्तावेज पास बैठे पार्षद मोहन लाल नारंग के मांगने पर उन्हें दिए। इसी को लेकर वहां हंगामा हो गया। मौके पर मौजूद लोग और प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची ने ईओ पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए और कहा कि दस्तावेज मांगने पर ईओ फेंककर कार्यालय से चले गए। प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल, नगर निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता को शिकायत भेजकर ईओ पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, ईओ ऋषिकेश चौधरी का कहना है कि उन्होंने दुर्व्यवहार नहीं किया है। उनसे पत्र पार्षद मोहन लाल नारंग ने मांगा था तो उनकी तरफ रखा था न कि फेंका था। सभी आरोप गलत है।
बंदर पकड़ने का अभियान शुरू न होने पर एक सप्ताह बाद धरना देने की दी चेतावनी
बंदर पकड़े जाने की मांग को लेकर पार्षद मोहनलाल नारंग के नेतृत्व में लोग नगर परिषद कार्यालय में पहुंचे और पहले ईओ से मिलने के बाद सीएसआई से मिले। इस दौरान लोगों ने कहा कि शहरवासी परेशान हैं और घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। रोजाना लोगों को बंदर काट रहे हैं, तीन बार पहले मिल चुके हैं। सीएसआई ने मामले को लेकर संबंधित ठेकेदार से बात की। इसके बाद सीएसआई ने आश्वासन दिया कि पांच जुलाई के बाद बंदर पकड़ने का अभियान शुरू हो जाएगा। इस दौरान गुस्साए लोगों ने कहा कि अगर नहीं पकड़े गए तो एक सप्ताह बाद बच्चों समेत धरना देंगे और अफसरों को कार्यालय छोड़ने पर मजबूर होना पड़ेगा।
ठेकेदार ने 85 बंदर पकड़ कर बंद किया काम
नगर परिषद ने बंदर पकडऩे के लिए एजेंसी को ठेका दिया था। एजेंसी ने शुरू में 3200 रुपये प्रति बंदर का रेट दिया था। लेकिन बाद में इसे 2150 रुपये प्रति बंदर कर दिया गया। एजेंसी ने 10 दिन में 85 बंदर पकड़े और छोड़ आए। इसके बाद करीब डेढ़ माह से बंदर पकडऩे का काम बंद है। ठेकेदार का कहना है कि उसके पास कर्मचारी नहीं है इस वजह से नहीं पकड़े जा रहे है। अब 5 जुलाई तक लेबर आने के बाद ही बंदर पकड़े जाएंगे।
दूसरी एजेंसी से बंदर पकड़वाने की तैयारी
प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची दूसरी एजेंसी से बंदर पकड़वाने की तैयारी कर रहे है। बैठक में प्रधान ने प्रेम ठेकेदार को काम के लिए ऑफर दिया। लेकिन प्रेम ठेकेदार ने लिखित में मांगा और भुगतान की जिम्मेदारी मांगी।
कूड़ा उठान को लेकर हंगामा, लोग बोले 12 बजे के बाद आ रही गाड़ी
नगर परिषद कार्यालय में बैठक के दौरान कूड़ा उठान को लेकर भी हंगामा हुआ। जगजीवनपुरा निवासी निर्मला देवी ने प्रधान को कहा कि 12 बजे के बाद कूड़ा उठान गाड़ी आती है। प्रधान ने डोर टू डोर कचरा उठान के सुपरवाइजर बंसीलाल को बुलाया। प्रधान ने कॉलोनियों में शिकायत को लेकर नंबर न जारी करने पर स्पष्टीकरण मांगा और कॉलोनियों में समय पर कचरा उठान के निर्देश दिए।
कोट
शहर में बंदरों का कोहराम लगातार बढ़ रहा है। इसको लेकर कॉलोनी के लोग समस्या के निवारण की मांग लेकर आए थे। इसी पर ईओ को बुलाया गया था। ईओ दुर्व्यवहार करते हुए पत्र को मेज पर फेंककर कक्ष से बाहर चले गए। शहर के मौजिज लोग भी मौजूद थे। ईओ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई को लेकर सीएम को शिकायत भेजी है।
-राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान नगर परिषद
कोट
मैंने कोई दुर्व्यवहार नहीं किया है। मेरे से पत्र पार्षद मोहन लाल नारंग ने मांगा था। उनकी तरफ पत्र को रखा था न कि फेंका था। लगाए गए सभी आरोप गलत हैं।
-ऋषिकेश चौधरी, ईओ, नगर परिषद