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Fatehabad News: माननीय के गांव के स्कूल में 6 जर्जर घोषित कमरों में पढ़ रहे बच्चे

Sat, 02 Aug 2025 10:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के कमरे की छत में आई सीलन।
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समैन। टोहाना से तीन किलोमीटर दूर स्थित राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला के पैतृक गांव डांगरा में 1962 में राजकीय प्राथमिक स्कूल की नींव रखी गई थी। उसके बाद विभिन्न चरणों में यह स्कूल अपग्रेड होकर सीनियर सेकेंडरी बन चुका है। वहीं माननीय के गांव में बने स्कूल के 6 कमरों को लोक निर्माण विभाग ने पत्र जारी कर मई 2025 में जर्जर घोषित कर दिया है। दूसरी तरफ शिक्षा विभाग की नजर में ये कमरे ठीक हैं और यहां पर लग रही कक्षाओं में बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।
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दूसरी ओर स्कूल की सबसे बड़ी समस्या सफाईकर्मी का न होना है। इस कारण स्कूल से लेकर शौचालयों तक की सफाई स्कूल स्टाफ और बच्चों के ही भरोसे है। स्कूल को अपने स्तर पर ही यहां व्यवस्था बनानी पड़ रही है। जब स्कूल बना तो यहां पर 8 कमरों का निर्माण किया गया था।वो कमरे पहले ही तोड़े जा चुके हैं। फिलहाल स्कूल में 18 कमरे हैं। इनमें से 6 कमरे बरामदे सहित और स्टोर रूम को लोक निर्माण विभाग ने शिक्षा विभाग के पत्र के बाद जांच कर जर्जर घोषित कर दिया है।
स्कूल में फिलहाल इन जर्जर घोषित कमरों के समेत विद्यार्थियों के लिए 18 कमरे हैं। इन्हीं में लैब, स्टोर रूम, मिड-डे मील कमरे, स्टाफ और प्रिंसिपल का ऑफिस है। स्कूल में फिलहाल 270 लड़के-लड़कियां शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनको पढ़ाने के लिए स्कूल में 15 अध्यापक कार्यरत हैं। फिलहाल स्कूल में अध्यापकों के 3 पद खाली हैं। यह स्थिति है भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला का पैतृक गांव डांगरा स्थित राजकीय स्कूल की।
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प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर ने बताया कि स्कूल में गणित, राजनीतिक शास्त्र व विज्ञान विषय के अध्यापकों के स्वीकृत पद हैं लेकिन इनके शिक्षक नहीं हैं। स्कूल की तरफ इन शिक्षकों की नियुक्ति के लिए विभाग को कई बार मांग भेजी जा चुकी है लेकिन अभी तक यह मांग पूरी नहीं है। ऐसे में इन विषयों के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

स्कूल में नहीं है सफाईकर्मी
स्कूल की मुख्य समस्या फिलहाल यहां पर सफाई कर्मचारी का न होना है। ऐसे में स्कूल के आपसी सहयोग से से ही शौचालयों की सफाई होती है। इनमें अध्यापक और विद्यार्थी दोनों ही अपने स्तर पर इनकी सफाई करते हैं।

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:: साल 2019 में इस स्कूल को बारहवीं कक्षा तक अपग्रेड कर वरिष्ठ माध्यमिक स्तर का किया गया। स्कूल में छठी से बारहवीं तक 270 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्कूल में अध्यापकों के कुल पद 18 हैं। इनमें से 3 पद खाली हैं।
-इंद्रजीत कौर, प्रार्धानाचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, डांगरा।

लोक निर्माण विभाग कर चुका भवन की जांच

लोक निर्माण विभाग ने इसी वर्ष फरवरी माह में जिला शिक्षा अधिकारी के पत्र के बाद स्कूल के भवन की जांच की थी। शिक्षा विभाग को मई माह में भेजे पत्र में लोक निर्माण विभाग कार्यकारी अभियंता हेमंत कुमार ने बताया है कि स्कूल भवन के 6 कमरे बरामद सहित व 2 स्टोर रूम जर्जर हालत में हैं। लोकनिर्माण विभाग ने जर्जर कमरों, बरामदा और स्टोर रूम को जांच के बाद जर्जर घोषित किया हुआ है।
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रिपोर्ट कार्ड
स्कूल का नाम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, डांगरा।
स्थापना वर्ष 1962
विद्यार्थियों की संख्या 270
स्वीकृत शिक्षकों की संख्या 18
कार्यरत शिक्षक 15
कमरों की संख्या 18
जर्जर घोषित 6
फिलहाल जर्जर कमरों की ठीक करने की आवश्यकता
छात्र-छात्राओं को लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था लेकिन सफाईकर्मी नहीं है।
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