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देश में विसंगतियों से गुजर रहा चावल उद्योग, नीति पर पुनर्विचार करे केंद्र सरकार : मक्खन

Fri, 08 Nov 2024 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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जाखल। ऑल इंडिया राइस मिल एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष जाखल निवासी मक्खन सिंगला ने कहा कि देश में चावल उद्योग बहुत विसंगतियों से गुजर रहा है। अब समय आ गया है कि पूरी पॉलिसी पर केंद्र सरकार को विचार करके इसमें सुधार करना चाहिए, अन्यथा पूरे देश का चावल उद्योग संकट में पड़ जाएगा। सभी राइस मिलर्स ने सरकार से मांग की है कि एक राष्ट्र-एक पॉलिसी के तहत फूडग्रेन के प्रति भी एक ही पॉलिसी होनी चाहिए।
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सिंगला ने बताया कि आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में ऑल इंडिया राइस मिल एसोसिएशन की राष्ट्रीय बैठक अध्यक्ष तरसेम सैनी की अध्यक्षता में बुलाई गई थी। इस बैठक में पूर्व उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू मुख्य अतिथि रहे थे। इस दौरान तरसेम सैनी को आगामी पांच वर्ष के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया। मक्खन सिंगला ने कहा कि बैठक में यह मांग भी रखी गई कि जो हाइब्रिड धान है, उसमें से चावल कम निकलता है, इसलिए पूरे भारतवर्ष में इसके प्रति भी एक ही पॉलिसी लागू होनी चाहिए। दूसरी ओर पूरे भारतवर्ष में पिछले 30 वर्षों से मिलिंग चार्ज का एक ही रेट चल रहा है, जिसे तुरंत बढ़ाया जाए। उन्होंने बताया कि मिल मालिकों को एफआर के चावल की मिक्सिंग के लिए 4 रुपये प्रति क्विंटल दिया जाता है। जिसे मिल मालिक कभी भी स्वीकार नहीं करेंगे। बैठक में हाइब्रिड धान से निकलने वाले ब्रोकन पर भी काफी बारीकी से विचार किया गया। सिंगला ने कहा कि मिल मालिक पहले ही पिछड़ चुका है और हर वर्ष पूरे भारतवर्ष में 20 से 30 राइस मिल मालिक चावल के इस व्यापार को छोड़कर दूसरे व्यापारों में जा रहे हैं, क्योंकि चावल के भावों में उतार- चढ़ाव से सैकड़ों मिल ठप होकर रह गई हैं।
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