फतेहाबाद। सिरसा मेजर नहर बंद होने से शहर फतेहाबाद में पानी संकट मंडराने लगा है। जनस्वास्थ्य विभाग ने कमी से निपटने और बर्बादी को रोकने के लिए पानी सप्लाई को एक समय कर दिया है। विभाग ने सुबह की सप्लाई में कटौती की है। विभाग ने शनिवार को सुबह की सप्लाई नहीं दी और रविवार को दी गई।
विभाग इसी तरह से 16 दिनों में चार से पांच बार सप्लाई को घटाकर एक समय कर सकता है। हालांकि विभाग ने रविवार को सिंचाई विभाग से सिरसा मेजर नहर के जरिये पानी मांगा है। वजह ये है कि जनस्वास्थ्य विभाग के खैराती खेड़ा रोड पर बने टैंकों में 240 एमएलडी का स्टॉक है जबकि रोजाना 20 एमएलडी पानी सप्लाई हो रहा है।
खैरातीखेड़ा रोड पर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 22 एमएलडी है। यहां से रोजाना शहर को पानी सप्लाई किया जाता है। पेयजल की कमी के चलते गांवों में भी संकट गहरा सकता है। फिलहाल गांवों में भी विभाग एक दिन छोड़कर पानी दे रहा है। विभाग समय में 10 से 15 मिनट की कटौती करेगा ताकि सप्लाई पूरी तरह से बंद न हो सके।
-
अंतिम छोर तक पानी पहुंचने में संकट
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पानी एक समय देते है या फिर कटौती करते है तो अंतिम छोर तक पानी पहुंचने में संकट रहता है। 6 दिन पानी का संकट न हो इसलिए विभाग सप्ताह में दो से तीन दिन एक समय पानी देने की योजना बना रहा है।
-
वोल्टेज कम, शहर में शाम की सप्लाई प्रभावित
जनस्वास्थ्य विभाग के खैराती खेड़ा रोड पर बने ट्रीटमेंट प्लांट में बिजली की वोल्टेज कम होने के कारण मोटर नहीं चल पाई। इसके चलते रविवार शाम को पानी की सप्लाई प्रभावित हुई। जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से सूचना जारी की गई कि बिजलीघर में वोल्टेज कम आ रही है। 33 हजार की जगह 29 हजार और 11 हजार की जगह 9 हजार ही आ रही है। जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से शाम की सप्लाई दोपहर 2 बजे शुरू हो जाती है लेकिन समाचार लिखे जाने तक यह शुरू नहीं हुई थी।
लोग न माने तो बढ़ेगा संकट
नहर बंद होने से पेयजल की कमी है। हालांकि विभाग के पास 10 दिन का स्टॉक है और 16 दिन नहर बंद रहती है। इस स्थिति से निपटने के लिए कटौती बीच-बीच में की जा रही है लेकिन लोग फिर भी नहीं मान रहे हैं। पानी की बर्बादी की जा रही है। अगर ऐसे ही रहा तो संकट बढ़ेगा।
- सतपाल रोज, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग