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शक्ति प्रदर्शन बना कांग्रेस का कार्यकर्ता सम्मेलन, जमकर हुई हूटिंग

Mon, 23 Jun 2014 11:34 PM IST
fatehabad
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अनाजमंडी के शेड के नीचे सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन हूटिंग और नेताओं के शक्ति प्रदर्शन के बीच सिमटकर रह गया। सम्मेलन स्थल पर पीछे की ओर सीपीएस प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा और उनके विरोधी नेताओं के समर्थकों के बीच जमकर कुर्सियां चली। बाद में सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें समझा बुझाकर शांत करवाया। दूसरे गुट के नेताओं के बोलने की बारी पर बार-बार हूटिंग और ढोल बजाने की वजह से कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने यहां तक कह दिया कि यह शक्ति प्रदर्शन जनता के बीच में जाकर करें।
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सम्मेलन में जिला परिषद उपाध्यक्ष दीपक भिरड़ाना ने अपना भाषण शुरू करते ही कहा कि उन्हें तंवर ने बोलने से रोक दिया है मेरे हाथ बंध गए हैं। जब सीपीएस के बेटे आनंदवीर गिल्लाखेड़ा मंच पर बोल रहे थे तो सम्मेलन में पीछे बैठे दीपक भिरड़ाना के समर्थकों ने हल्ला मचाना शुरू कर दिया। वहीं आगे बैठे कार्यकर्त्ताओं ने भी आनंदवीर के पक्ष में नारेबाजी शुरू कर दी।

 इस दौरान पीछे दो गुटाें में जमकर कुर्सियां भी चलीं। कुल मिलाकर शुरुआती दौर में यह सम्मेलन नेताओं के शक्ति प्रदर्शन में तब्दील हो गया, लेकिन मंच पर बैठे सीनियर नेताओं की हिदायत पर दोनों नेताओं ने अपने समर्थकाें को शांत किया। मंच पर जब भाषणबाजी चल रही थी तो पीछे भिरड़ाना के समर्थक ढोल बजा रहे थे, जिस कारण भिरड़ाना को फोन करके उनको बंद करवाना पड़ा।
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यहां पर कई कांग्रेसियों ने पिछले पांच सालाें में कांग्रेस की बिगड़ी हालत का हवाला दिया तो भिरड़ाना ने किसी ‘कांग्रेसी’ को टिकट देने की वकालत की। भवानी सिंह ने कहा कि जिसे भी टिकट मिले वह कार्यकर्त्ताओं को न भूले। उन्होंने विधायकों पर विकास कार्य पूरे न करवाने का दोष भी मढ़ा। बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान सुशील बिश्नोई ने सीपीएस प्रहलाद सिंह को निशाना बनाते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं में उत्साह नहीं रहा। कार्यकर्ता पांच सालों में कमजोर हो गए हैं।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि जो लोग यहां पर ढोल आदि बजाकर शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं, वह जनता के बीच जाकर ताकत दिखाएं ताकि हमारी नीतियां जनता के पास अधिक से अधिक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि हमारी कमजोरी है कि हम अपनों के बीच शक्ति प्रदर्शन करते हैं।

रैली स्थल का प्रवेश द्वार ढूंढते रहे लोग
हाईवे पर अनाज मंडी के शेड के नीचे रैली स्थल पर जाने के लिए अनाज मंडी के दोनों गेट बंद कर दिए गए थे। कार्यकर्ता इधर-उधर धक्के खाकर रैली स्थल में प्रवेश करने का रास्ता ढूंढ रहे थे, लेकिन आयोजकों ने बस स्टैंड के सामने दीवार तोड़कर नया रास्ता बना रखा था, जिसके बारे में कोई भी सांकेतिक चिह्न नहीं था।

काले कपड़े गेट पर ही रखवा लिए
सीएम को काले झंडे दिखाए जाने का कांग्रेसियों में इतना खौफ था कि गेट पर ही चेकिंग के बाद वहां काली जुराबें, रुमाल, गमछे और काले दुप्पटे सुरक्षाकर्मी अपने पास रखवा रहे थे।
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