बिजली निगम के ठेकेदार दीपक मेहता का गला काटकर नृशंस हत्या करने का आरोपी भाई अशोक 24 घंटे के अंदर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में हत्या के आरोपी अशोक ने बताया कि चूंकि उसकी मां ने दीपक के नाम पूरा मकान कर दिया था जिसके चलते वो दीपक से नफरत करता था। इसी रंजिश के चलते बुधवार देर रात उसने शराब के नशे में अपने भाई दीपक का तेजधार हथियार से गला काट दिया। हालांकि अभी तक पुलिस को मृतक दीपक का कटा हुआ सिर नहीं मिला है। कटे हुए सिर, घर से गायब हुई डीवीआर और हत्या में प्रयुक्त किए हथियार की बरामदगी के लिए पुलिस आरोपी अशोक का रिमांड लेने के लिए कोर्ट से दरख्वास्त करेगी। पत्रकारवार्ता में डीएसपी बिरम सिंह ने बताया कि आरोपी अशोक के खिलाफ हिसार जिले में भी दो मामले दर्ज हैं। उनकी भी जांच की जाएगी।
वारदात के बाद बैग में डालकर ले गया अपने भाई का सिर
डीएसपी बिरम सिंह ने बताया कि बुधवार देर रात को वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अशोक वीरवार अलसुबह बैग में मृतक दीपक मेहता का सिर, घर से चुराई हुई डीवीआर व हत्या में प्रयुक्त हथियार को डालकर ले गया। डीएसपी ने बताया कि बुधवार शाम को मृतक दीपक का दोस्त सुरजीत उसे घर पर छोड़कर गया था उस समय अशोक घर पर ही था। देर रात को जब अशोक ने उस पर हमला किया तो उस समय दीपक ने अपने को बचाने के लिए प्रयास भी किया लेकिन वह नही बच पाया। दीपक द्वारा बचने के प्रयासों के चलते अशोक के हाथ पर भी चोट लगी लेकिन आखिरकार उसने गुस्से में छोटे भाई का सिर कलम कर दिया।
चार पुलिस टीमें जुटी थी आरोपी की तलाश में, जमालपुर फाटक के पास घूमता मिला
डीएसपी बिरम सिंह ने बताया कि हत्या के मामले को लेकर एसपी राजेश कुमार ने घटनास्थल का दौरा किया था और फोरेसिंक टीम ने भी जांच की थी। इस मामले को लेकर कार्रवाई करते हुए चार पुलिस टीमों का गठन किया था जिसमें सीआईए पुलिस की टीम इंस्पेक्टर विनोद कुमार, सिटी पुलिस की टीम इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई कर रही थी। पुलिस की इसी टीम ने आरोपी को जमालपुर फाटक के पास से काबू कर लिया। आरोपी से पूछताछ की तो उसने वारदात का कारण प्रॉपर्टी विवाद को बताया। डीएसपी ने बताया कि आरोपी ने यह भी कबूल किया कि उसने अकेले ने इस घटना को अंजाम दिया है।
कुल चार भाई और दो बहनों का था परिवार, दीपक सहित तीन की हुई मौत, चौथा जेल में
जानकारी अनुसार आरोपी अशोक के अलावा मृतक दीपक मेहता के दो और भाई रमेश और सतीश भी थे लेकिन उन दोनों की पहले ही मौत हो चुकी है। अब दीपक की मौत के बाद चार भाइयों में अकेला अशोक ही जीवित बचा है और वो भी अब जेल में है। इनके अलावा इनकी दो बहनें हैं। दीपक का तीन साल पहले अपनी पत्नी से तलाक हो चुका था जबकि अशोक भी तलाकशुदा ही है।
ये है मामला
गौरतलब है कि नया बाजार के पीछे स्थित पटवार गली में रहने वाले 40 वर्षीय अपाहिज दीपक मेहता की उसके भाई अशोक ने तेजधार हथियार से सिर काटकर हत्या कर दी थी जिसके बाद पुलिस ने मृतका की बहन सुषमा के ब्यान पर आरोपी अशोक के खिलाफ हत्या, चोरी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस के अनुसार मृतक दीपक का लगभग दस साल पहले उसकी पत्नि से तलाक हुआ था तथा तीन साल पहले एक हादसे में वह अपाहिज हो गया था।