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सावन के पहले सोमवार को गोमुख से गंगाजल लाकर शिवलिंग पर चढ़ाया

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फतेहाबाद। गांव बड़ोपल के प्राचीन शिव मंदिर में 11 वर्षीय आनंद राज व 12 वर्षीय अनमोल कड़वासरा ने गो मुख की पैदल यात्रा करके लाए गए गंगाजल से जलाभिषेक किया। इतनी कम उम्र में यह यात्रा करना धार्मिक लगाव का परिणाम है। आनंद राज व अनमोल ने बताया कि गंगोत्री धाम से लेकर गो मुख जहां मां गंगा का उद्गम होता है, वह स्थान 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कठिन और संकरें रास्ते में बीच में लगभग 9 किलोमीटर चलने पर चिड़वासा नाम की जगह आती है, जहां जलपान के लिए एक ही दुकान है। इससे आगे लगभग 5 किलोमीटर और चलने पर गंगोत्री से 14 किलोमीटर की दूरी पर भोजवासा आता है, जहां रात्रि विश्राम के लिए रुकने की व्यवस्था है। यहां उत्तराखंड सरकार की तरफ से गढ़वाल मंडल विकास निगम की ओर से गेस्ट हाउस है और दो तीन आश्रम भी है। यहां रात्रि विश्राम करने के बाद अगले दिन अलसुबह तार/डोली के माध्यम से भागीरथी नदी पार करके गोमुख के लिए प्रस्थान किया गया, जो लगभग 6 किलोमीटर दूरी पर है। बीच में रास्तों की बजाय पत्थर ही है, ऑक्सीजन की भी थोड़ी कमी होती है। मगर दोनों बहन भाई मात्र पांच घंटें में गो मुख तक जाकर वापस भोजवासा तक आ गए। गंगोत्री ग्लेशियर के गोमुख से भागीरथी नदी का उद्गम होता है और यह शिवलिंग पर्वत नीचे स्थित है। आंनदराज कड़वासरा ने बताया कि गंगोत्री से निकलते ही गंगोत्री नैशनल पार्क शुरू होता है और रास्ते में बहुत शानदार नजारे आते हैं। नजारे देखकर सारी थकान दूर हो जाती है। वहीं, अनमोल कड़वासरा ने बताया कि सबसे अच्छी बात है कि गंगोत्री से गोमुख ट्रैक पर कहीं भी कोई गंदगी नहीं है और भीड़भाड़ व खच्चर भी नहीं है, जिसकी वजह से यात्रा बहुत अच्छी रही।
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