खेड़ी नहर की टुटी पटरी से बहता पानी। स्त्रोत : संवाद
भट्टूकलां। गांव सुलीखेड़ा के समीप खेड़ी नहर की पटरी टूटने से करीब 100 एकड़ में पानी भर गया। सोमवार सुबह पानी का रिसाव शुरू होने के बाद कुछ ही समय में पटरी में करीब 50 फीट चौड़ी दरार आ गई। इससे सुलीखेड़ा और खाबड़ाकलां के खेतों में पानी भर गया।
खेतों में खड़ी नरमा, मूंगफली, ग्वार और बाजरे की फसलें पानी में डूब गईं। कई ट्यूबवेल भी पानी में डूबने से किसानों की चिंता बढ़ गई। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बीघड़ हेड से नहर का पानी बंद करवाया और टूटी पटरी को पाटने का काम शुरू कर दिया।
सोमवार सुबह करीब छह बजे सुलीखेड़ा हेड से कुछ दूरी पर बुर्जी नंबर 42930 के पास राइट साइड की पटरी से पानी निकलने लगा। कुछ ही देर में रिसाव तेज हो गया और पानी तेजी से बहने लगा। नहर का पानी करीब 100 एकड़ खेतों में भरने से प्रभावित हुई है। किसानों राजेश कुमार और सुरेंद्र सिंह ने बताया कि खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब गई हैं। अधिक समय तक पानी भरा रहा तो फसलें खराब हो सकती हैं।
इसके अलावा कई ट्यूबवेलों में भी पानी भर गया है जिससे उनके खराब होने की आशंका है। सिंचाई विभाग के एसडीओ प्रवीण कुमार ने बताया कि नहर टूटने की सूचना मिलते ही पानी बंद करवा दिया गया था। पटरी पर खड़े पेड़ों की जड़ों के पास से पानी का रिसाव हुआ था। जेसीबी की मदद से टूटी पटरी को पाटने का काम चल रहा है। काम पूरा होने के बाद नहर में पानी छोड़ा जाएगा।