भूना (फतेहाबाद)। फतेहाबाद रोड पर बिजलीघर के सामने खाली प्लॉट में वीरवार को एक युवक खून से लथपथ हालत में मिला। पेचकसनुमा हथियार से युवक के सिर व माथे पर कई वार किए हुए थे और मुंह पर गंभीर चोटें मारी हुई थी। युवक की पहचान वार्ड नंबर चार निवासी 23 वर्षीय बलदेव सिंह के रूप में हुई है। पुलिस अग्रोहा स्थित महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज में दाखिल घायल बलदेव के बयान लेने पहुंची। मगर, बलदेव के गंभीर हालत एवं बेहोशी में होने के कारण बयान दर्ज नहीं कर पाई। फिलहाल घटनाक्रम से संबंधित पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
वाल्मीकि मोहल्ला के शिव चौक निवासी 23 वर्षीय बलदेव सिंह जख्मी हालत में बिजली घर के सामने जोधाराम के प्लॉट में पड़ा हुआ मिला। उसके चेहरे व सिर में गंभीर चोटों के घाव थे, जो कि पूरी तरह से खून से लथपथ था और उसकी सांसें चल रही थी। पड़ोस के लोगों ने वीरवार सुबह देखा तो उसे सीएचसी केंद्र में दाखिल करवाया। घायल का प्राथमिक उपचार में देरी करने पर लोगों ने सीएचसी के चिकित्सकों के खिलाफ हंगामा किया। प्रदर्शनकारी महेंद्र सिंह, सतीश कुमार, बलवीर सिंह, विनोद कुमार आदि ने कहा कि सीएचसी भूना के डॉक्टरों ने घायल का इलाज काफी देर तक शुरू नहीं किया। घायल को सीधा अग्रोहा रेफर करने के लिए कागज तैयार करने लगे और 1200 रुपये एंबुलेंस का किराया मांग लिया। लोगों के गुस्से के बाद चिकित्सक ने तुरंत घायल को इंजेक्शन लगाए और प्राथमिक उपचार शुरू किया। मगर, बलदेव की हालत गंभीर होने के कारण उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इस संबंध में थानाध्यक्ष अनूप कुमार ने बताया कि पुलिस की टीम सूचना मिलते ही घायल के बयान लेने के अग्रोहा मेडिकल पहुंच गई। मगर, घायल अभी बयान देने की हालात में नहीं था। इसलिए पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
क्या कहते हैं मेडिकल ऑफिसर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मेडिकल ऑफिसर डॉ. मनदीप ने बताया कि पुलिस की गाड़ी में एक घायल को अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया था। उसका तुरंत उपचार शुरू किया गया। प्राथमिक उपचार के बाद अग्रोहा रेफर किया गया तो कुछ लोग पहले पर्चा काटने के लिए हंगामा करने लगे। हमारे लिए पहले मरीज की जान बचाना जरूरी था। मगर, कुछ लोगों ने उनके साथ अभद्रता की और जान से मारने की धमकियां दी। घायल का इलाज पुलिस की मौजूदगी में तत्काल प्रभाव से कर दिया गया था।