डीसी ने क्षेत्र के गांव बलियाला के सरपंच गुरदेव सिंह के खिलाफ गांव के पंचायती कार्यों में घपलेबाजी की चल रही जांच में संतोषजनक जवाब न देने और ग्रामीणाें की ओर से आई शिकायताें में दोषी पाए जाने पर सस्पेंड करने के आदेश दे दिए।
डीसी ने रतिया के बीडीपीओ को तत्काल प्रभाव से पंचायत के पूरे अधिकार वापस लेने के निर्देश दिए हैं। वही जिला उपायुक्त के आदेशाें के तहत बीडीपीओ राजेश कुमार ने गांव के सरपंच को नोटिस जारी कर कार्रवाई अमल में ला दी है।
बीडीपीओ राजेश कुमार ने बताया की गत वर्ष गांव बलियाला के पंचाें और अन्य ग्रामीणाें ने जिला उपायुक्त को गांव के सरपंच गुरदेव सिंह के खिलाफ पंचायती कार्यों में घपलेबाजी के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी
जिसमें उन्हाेंने गांव में लगी स्ट्रीट लाइटाें जो की डीआरडी प्लान के तहत आई थी लेकिन सरपंच ने उसे पंचायती फंड में दिखाया है और गांव में सरपंच ने लगे हुए नलकाें को उखाड़ कर बेच दिया बेच कर आई करीब 90 हजार की राशी खुर्दबुर्द कर दी और गांव में मिट्टी डलवाने के अंदर भी घपला कर दिया। मछलियां बेचने में भी काफी गोलमाल हुआ है।
अन्य पंचायती कार्यों में सरपंच ने बिना पंचायत की जानकारी के राशी को खुर्दबुर्द किया है सहित अन्यों मामलों की शिकायत की थी और शिकायत के आधार पर उपायुक्त ने मामले की अधिकारियाें से जांच करवाई और जांच में गांव का सरपंच उक्त मामलाें में गोलमाल करने का दोषी पाया गया और कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया
जिसके बाद 21 फरवरी 2014 को सरपंच को अपना पक्ष रखने का नोटिस जारी कर दिया लेकिन सरपंच गुरदेव सिंह ने अपना पक्ष नहीं रखा जिसके बाद अब डीसी ने सरपंच को मामले में दोषी पाते हुए पंचायत अध्िनियम 1994 की धारा 51एक बी के तहत दोषी पाते हुए निलंबित करॅने के आदेश दिए हैं ।