बीजेपी के बहुमत वाली जिला परिषद की बैठक में प्रदेशाध्यक्ष बराला के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को ही समर्थन नहीं मिला। शुक्रवार को हुई बैठक में टोहाना में कन्या स्कूल के लिए जिला परिषद की जमीन ट्रांसफर करने का प्रस्ताव बैठक में ही नहीं रखा जा सका। प्रस्ताव को बैठक में रखने के लिए 14 सदस्यों के हस्ताक्षर अनिवार्य थे, लेकिन जिप चेयरपर्सन 11 सदस्यों के ही साइन करवा सकीं। गौरतलब दें कि जिला परिषद में भाजपा का बहुमत है और जिप चेयरपर्सन भी बीजेपी समर्थित हैं। इतना ही नहीं, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने खुद इसके लिए जिला परिषद पार्षदों का सहयोग मांगा था और पिछले दिनों फतेहाबाद के रेस्ट हाउस में इसके लिए बाकायदा पार्षदों के साथ गुप्त बैठक भी की थी।
14 सदस्यों के हस्ताक्षर थे अनिवार्य, 11 का ही मिला साथ
जिला परिषद की बैठक में कोई भी प्रस्ताव रखने के लिए कम से कम 14 पार्षदों के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं। लेकिन सदन में बहुमत का दावा करने वाली बीजेपी समर्थित चेयरपर्सन प्रस्ताव के लिए 11 सदस्यों के ही हस्ताक्षर करवा सकीं। बीजेपी को सबसे बड़ा झटका दिया कस्वां दंपति ने। पिछले दिनों बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने टोहाना में जिप की भूमि को कन्या स्कूल के नाम ट्रांसफर करवाने के प्रस्ताव को एजेंडे में डालने के लिए पार्षदों के साइन करवा लिए थे। इस दौरान पार्षद राजेश कस्वां ने भी हस्ताक्षर किए थे, लेकिन शुक्रवार को बैठक में जब एजेंडे में कन्या स्कूल की जमीन ट्रांसफर करने का मुद्दा आया तो उन्होंने ऐन मौके पर अपने हस्ताक्षर भी काट दिए। उनकी पत्नी और पार्षद सुनीता कस्वां भी इसे एजेंडे में शामिल करने के खिलाफ खड़ी हुई। इनके अलावा पार्षद रामचंद्र सहनाल, अवतार, बीबो इंदौरा भी इसके खिलाफ खड़े रहे। बैठक में वार्ड वाइज विकास कार्यों की लिस्ट मुहैया कराने पर भी जिला परिषद सदस्य दो गुटों में बंट गए। एक गुट में शामिल जिप चेयरपर्सन गीता नांगली, अनिल गोरछियां, सुरजीत ओड आदि पार्षदों को केवल उनके वार्ड के विकास कार्यों की लिस्ट देने के पक्ष में थे जबकि बाकी सभी पार्षद वार्डों की सूची सार्वजनिक करने के पक्ष में थे।
पार्षद अनिल गोरछियां का समन्वय प्रयास भी नहीं आया काम
पिछले दिनों भूना रोड स्थित रेस्ट हाउस में पार्षदों ने जब बराला के सामने अपनी समस्याओं को रखा था, उसी वक्त भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने भट्टू मार्केट कमेटी चेयरमैन एवं पार्षद अनिल गोरछियां को पार्षदों में आपसी समन्वय का काम सौंपा था। अनिल गोरछियां ने शुक्रवार को बैठक शुरू होने से पहले पार्षदों के साथ बातचीत भी की, लेकिन जब टोहाना में जिप की जमीन ट्रांसफर की बात आई तो गोरछियां इस मुद्दे पर पार्षदों को एकजुट नहीं कर सके।
हमारी योजना हमारा विकास के तहत 2.20 करोड़ से होंगे विकास कार्य
जिला परिषद हमारी योजना हमारा विकास’ के तहत जिला में विकास कार्यों का खाका तैयार करेगी और ये विकास कार्य दो करोड़ 20 लाख रुपये से कराए जाएंगे। यह फैसला जिला परिषद की सामान्य बैठक में सर्व सहमति से लिया गया। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी अश्वनी कुमार ने बताया कि हमारी योजना हमारा विकास के तहत जिले में जिला परिषद विकास कार्य करवा सकती है। इसके लिए जिला परिषद के सदस्यों को ही जिले में होने वाले विकास कार्यों का खाका तैयार करना है और सभी विभागों के तहत कराए जाने वाले विकास कार्यों को परिषद सदस्य हस्ताक्षर युक्त मंजूरी प्रदान करेंगे। इसके अलावा बैठक में सीएल ग्रांट के तहत परिषद सदस्यों ने गांवों में वाटर कूलर लगाने की सहमति भी दी। सभी सदस्यों ने सर्व सहमति से पारित किया कि जिला में 90 लाख रुपये की लागत से वाटर कूलर लगाए जाएंगे। ये वाटर कूलर सभी वार्डों में बराबर-बराबर हिस्से में लगेंगे।
जिप चेयरपर्सन और पांच सदस्य करेंगे चार कमेटियों का गठन
सदन में सरकार की ओर से निर्धारित चार समितियों के गठन के बारे में भी चर्चा की गई। सभी सदस्यों ने जिला परिषद की अध्यक्ष गीता नांगली और सदन के पांच सदस्यों को ये समितियां गठित करने के लिए अधिकृत किया। बैठक में सरचार्ज वैट, 5वें राज्य वित्त आयोग, मनरेगा, साक्षर भारत मिशन, डी-प्लान आदि पर भी चर्चा की गई। बैठक में जिला परिषद की उपाध्यक्ष कमला भुक्कर, डिप्टी सीईओ संजीव गोयल, एओ सतीश काजला, सदस्य अनिल गोरछिया, सतपाल शर्मा, मंदीप कौर गिल, बिजेंद्र सिवाच, अजय मेहता, रामचंद्र सहनाल, बीबो इंदौरा, रामदास, राजेश कंसवा, डीडीएएच डॉ. काशी राम, बीडीपीओ रविंद्र दलाल, सोमवीर कादियान, डीएसडल्यूओ इंद्रा यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।