फतेहाबाद। इनेलो के राष्ट्रीय महासचिव और विधायक अभय चौटाला ने राज्यसभा चुनाव को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भूपेंद्र हुड्डा ने लोकसभा चुनाव में भाजपा की अप्रत्यक्ष रूप से मदद की है। अभय चौटाला रविवार दोपहर को फतेहाबाद की जाट धर्मशाला में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। चौटाला रविवार दोपहर जाट धर्मशाला में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
अभय चौटाला ने कहा कि हुड्डा बार-बार ये कहकर राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारने से इन्कार कर रहे हैं कि उनके पास पर्याप्त नंबर नहीं हैं जबकि दूसरी ओर वो ये भी दावा करते रहे हैं कि भाजपा सरकार अल्पमत में हैं। उन्होंने हुड्डा को दो टूक कहा है कि वो समूचे विपक्ष को एकजुट करते हैं तो वे विपक्ष के उम्मीदवार को राज्यसभा चुनाव में समर्थन करने को तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने लोकसभा चुनावों में अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा की मदद न की होती तो कांग्रेस सभी सीटें जीत सकती थी। कोसली में राव वोट लेने के लिए गुरुग्राम में राव इंद्रजीत और करनाल में मनोहर लाल की मदद की ताकि वो अपने बेटे दीपेंद्र को संसद में भेज सकें।
चुनाव की घोषणा होते ही मचेगी कांग्रेस में भगदड़
अभय चौटाला ने कहा कि विधानसभा चुनावों की घोषणा होते ही कांग्रेस में जोरदार भगदड़ मचेगी क्योंकि हुड्डा और सैलजा-सुरजेवाला ने एक-एक सीट पर 15-15 नेताओं को टिकट की हामी भर रखी है जबकि टिकट केवल एक को मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस भगदड़ का सबसे अधिक फायदा इंडियन नेशनल लोकदल को ही होगा। इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा ने कहा कि अगले तीन माह में इनेलो कार्यकर्ता प्रत्येक बूथ पर जाकर पार्टी को मजबूत करने का काम करें।
फतेहाबाद के कांग्रेस नेताओं पर किया कटाक्ष
फतेहाबाद से कांग्रेस की टिकट के लिए लाइन में लगे नेताओं पर भी अभय चौटाला ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि फतेहाबाद में कांग्रेस के 10 प्रत्याशी हैं। टिकट न मिलने पर कांग्रेस में भगदड़ मचेगी। बलवान दौलतपुरिया को टिकट न मिली तो वो भागेंगे, डॉ.सिवाच भी नहीं टिकेंगे और अगर प्रहलाद सिंह गिल्लांखेड़ा को टिकट मिल गई तो कांग्रेस का सूपड़ा साफ होना तय है।
इंडिया गठबंधन की नींव फतेहाबाद में रखी गई
इनेलो नेता ने कहा कि इंडिया गठबंधन की नींव फतेहाबाद की धरती पर इनेलो की रैली में ही रखी गई थी, लेकिन बाद में कांग्रेस ने इनेलो को इसमें नहीं रखा। नीतीश कुमार को भी संयोजक नहीं बनाया गया, जिस कारण नीतीश कुमार भाजपा के साथ जाने को मजबूर हो गए। यदि ऐसा न हुआ होता तो देश में इंडिया गठबंधन की सरकार बननी थी। इस मौके पर इनेलो के राष्ट्रीय प्रवक्ता उमेद लोहान, लोकसभा प्रत्याशी रहे संदीप लोट, जिलाध्यक्ष बलविंद्र कैरों, शहरी जिलाध्यक्ष हरबंस खन्ना, वरिष्ठ नेता भूपेंद्र दरियापुर, साधुसिंह चावड़ा, वरिष्ठ नेता जगदीश झांझड़ा, महिला विंग की प्रदेश उपाध्यक्ष सुमनलता सिवाच, नगर परिषद प्रधान उम्मीदवार रहे संकल्प कायत, कंवलजीत सिंह बिट्टा आदि मौजूद रहे।