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Fatehabad News: कला में भव्य ने 97.6 तो कॉमर्स में दीक्षा ने पाए 97.4% अंक

Mon, 13 May 2024 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद में पायनियर कॉवेंट स्कूल के विद्यार्थी खुशी मनाते हुए।
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फतेहाबाद। केंद्रीय विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने सोमवार को अचानक कक्षा दसवीं और बारहवीं का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया। परीक्षा परिणाम जारी होते ही विद्यार्थियों में बैचेनी बढ़ गई और कोई मोबाइल तो कोई कम्प्यूटर पर परीक्षा परिणाम देखने में जुट गया। सीबीएसई ने हर बार की तरह इस बार भी टॉपरों की सूची जारी नहीं की है।
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जारी हुए परिणाम के मुताबिक कला संकाय में फतेहाबाद के अपेक्स पब्लिक स्कूल के छात्र भव्य ने 97.6 फीसदी अंक हासिल िकया है। इसके अलावा कॉमर्स संकाय में फतेहाबाद के क्रिसेंट स्कूल की छात्रा दीक्षा और डीएवी स्कूल की छात्रा पलक ने 97.4 फीसदी अंक लेकर टॉप स्थान हासिल किया है। नॉन मेडिकल संकाय में डीएवी स्कूल के छात्र आर्यन ने 95.8 फीसदी, मेडिकल संकाय में पायनियर कॉवेंट स्कूल की छात्रा पायल और क्रिसेंट पब्लिक स्कूल की छात्रा सृष्टि ने 94.4 फीसदी अंक हासिल किया है।

परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद टॉपर विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी। जिले में 10वीं में 89.36% और 12वीं में 87.47% विद्यार्थियों ने परीक्षा पास की है। जिले में कक्षा दसवीं के 3863 और बारहवीं के 3661 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। वहीं कक्षा दसवीं के परीक्षा परिणाम में फतेहाबाद के डीएवी स्कूल के छात्र कनिष्क टुटेजा और अर्चित ने 98.4 फीसदी अंक हासिल किया है। इसके अलावा डीएवी स्कूल की छात्रा नव्या भाटिया ने 98.2 फीसदी, रिषभ ने 98 फीसदी अंक हासिल किया है। इसके अलावा क्रिसेंट पब्लिक स्कूल की छात्रा पवित्रा ने 97.4 फीसदी अंक हासिल करके टॉपर सूची में शामिल हुई है। वहीं जिले में सीबीएसई पैटर्न पर चल रहे राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूलों की बारहवीं परीक्षा परिणाम 73 फीसदी तक रहा। वहीं शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों से 10वीं की परीक्षा परिणाम को लेकर रिपोर्ट मांगी है।
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ये बोले बारहवीं कक्षा में उत्तीर्ण मेधावी
आईएएस बनना चाहता है मेधावी भव्य
अपेक्स पब्लिक स्कूल के बारहवीं कक्षा का छात्र भव्य कला संकाय में 97.6 फीसदी अंक हासिल कर उम्दा प्रदर्शन किया है। भव्य ने बताया कि उसके पिता भीमसैन बिजनेसमैन है। उसे उम्मीद थी कि वह अच्छे अंक लेकर टॉप करेगा। पढाई को लेकर उसने तनाव नहीं लिया। पढाई के साथ-साथ उसने खेलों में भी भाग लिया। अगर कोई टॉपिक समझ नहीं आता था यूट्यूब पर मदद लेता था। आईएएस बनना उसका सपना है और वह यूपीएससी को लेकर तैयारी कर रहा है।

सीए बनना चाहती है दीक्षा
क्रिसेंट स्कूल की छात्रा दीक्षा ने 97.4 फीसदी अंक हासिल करके कॉमर्स संकाय में उम्दा प्रदर्शन किया है। दीक्षा ने बताया कि स्कूल से आकर उसने 4 से 5 घंटे अभ्यास किया। जो टॉपिक समझ नहीं आया उसे शिक्षकों से समझा, रट्टा लगाने का प्रयास नहीं किया। पढ़ाई को लेकर भी तनाव नहीं लिया और अभिभावकों ने हमेशा आगे बढ़ने के लिए मोटिवेट किया है। उसका सपना सीए बनना है।
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मोबाइल से दूर रहकर पलक ने की पढ़ाई :
डीएवी स्कूल फतेहाबाद की छात्रा पलक ने भी 97.4 फीसदी अंक हासिल किया है। पलक ने बताया कि इस उपलब्धि का श्रेय अभिभावकों और स्कूल शिक्षकों को है। उन्होंने आगे बढ़ने के लिए मोटिवेट किया। बारहवीं कक्षा में पढ़ाई को लेकर वह गंभीर रही। मोबाइल से वह दूर रही है। स्कूल के बाद उसने 4 से 5 घंटे घर पर जरूर पढ़ाई की है।

डॉक्टर बनना चाहती है पायल
पायनियर कॉवेंट स्कूल की छात्रा पायल ने 94.4 फीसदी अंक मेडिकल संकाय में हासिल किए हैं। पायल ने बताया कि उसने पढ़ाई को लेकर टाइम फिक्स नहीं किया। स्कूल के बाद घर पर 6 से 8 घंटे पढ़ाई की। उसने कक्षा बारहवीं की पढ़ाई के साथ-साथ नीट की परीक्षा की भी तैयारी की है। नीट की वह परीक्षा दे चुकी है। उसका सपना डॉक्टर बनना है।

इंजीनियर बनना चाहता है आर्यन
डीएवी स्कूल के छात्र आर्यन मदान ने नॉन मेडिकल संकाय में 95.8 फीसदी अंक हासिल किए हैं। आर्यन के माता-पिता दोनों ही शिक्षक है। आर्यन ने बताया कि उसकी इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता और स्कूल स्टाफ को है, जिन्होंने हमेशा आगे बढऩे के लिए जागरूक किया है। उसका सपना सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना है।
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स्कूल के बाद 8 घंटे की पढ़ाई, डॉक्टर बनना सपना
क्रिसेंट स्कूल की छात्रा सृष्टि ने मेडिकल संकाय में 94.4 फीसदी अंक हासिल किए हैं। सृष्टि ने बताया कि स्कूल के बाद उसने घर आकर 7 से 8 घंटे पढ़ाई की। रात को 12 बजे तक पढ़ाई की। डॉक्टर बनना उसका सपना है और उसे वह जरूर पूरा करेगी। उसके पिता इंद्र सिहाग वकील है जिनका इस उपलब्धि में सबसे बड़ा योगदान है।
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ये बोले दसवीं कक्षा के सफल विद्यार्थी
इंजीनियर बनना चाहता है कनिष्क टुटेजा :
डीएवी स्कूल फतेहाबाद के छात्र कनिष्क टुटेजा ने 98.4 फीसदी अंक हासिल किया है। कनिष्क टुटेजा ने बताया कि उसके पिता विकास टुटेजा और मां दोनों ही सरकारी स्कूल में शिक्षक है, जिनका इस उपलब्धि में सबसे बड़ा योगदान है। वह इंजीनियर बनना चाहता है और जेईई की उसने तैयारी शुरू कर दी है।
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नव्या भाटिया बनना चाहती है इंजीनियर
डीएवी स्कूल फतेहाबाद की ही छात्रा नव्या भाटिया ने 98.2 फीसदी अंक हासिल किए हैं। नव्या भाटिया ने बताया कि उसने अलग से कोई कोचिंग नहीं ली। जो स्कूल में पढ़ाया उसका घर आकर अभ्यास किया है। माता-पिता ने खासकर योगदान दिया है और दे भी रहे हैं। फिलहाल वह जेईई की कोचिंग ले रही है और इंजीनियर बनना चाहती है।
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