संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर तीन कृषि कानूनों के विरोध में भारत बंद का फतेहाबाद जिले में पूरा असर देखने को मिला। जिले में अलग-अलग 25 स्थानों पर किसानों ने रास्ता जाम किया। रोडवेज बसों से लेेकर निजी वाहनों के पहिये थमे रहे। जिला मुख्यालय पर बस स्टैंड के पास स्थित लालबत्ती चौक पर किसानों ने जाम लगाकर प्रदर्शन किया। लालबत्ती चौक के चारों तरफ ट्रैक्टर-ट्राली खड़ी करके आवागमन रोक दिया गया। वहीं, चौक के पास लगे भाजपा नेताओं के होर्डिंग को उतारकर किसानों ने उसमें आग लगाकर रोष जताया। शहर के प्रमुख बाजारों में भी पूर्णतया दुकानें बंद रही।
किसान नेताओं ने शहर में प्रदर्शन करते हुए दुकानदारों से दुकानों को बंद रखने का आह्वान किया। पेट्रोल पंप भी दोपहर तीन बजे तक बंद रखे गए। वहीं, प्रशासन ने भी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 18 ड्यूटी मजिस्ट्रेट पुलिस बल के साथ तैनात रखे जबकि तीन ड्यूटी मजिस्ट्रेट रिजर्व रखे गए। फतेहाबाद में छह जगह के अलावा टोहाना में छह, रतिया में चार, भूना में चार, जाखल में दो व भट्टू में दो जगह जाम लगाया गया। इसके अलावा दो जगह नेशनल हाईवे पर भी किसान जाम लगाकर बैठे।
किसान आंदोलन के दौरान पहली बार पूरी तरह बंद रहे शहर के बाजार
इस किसान आंदोलन के दौरान पहली बार ऐसा हुआ कि शहर के सभी बाजारों में 99 फीसदी दुकानें बंद रही। कुछ दुकानदार बाजार में जरूर बैठे रहे, लेकिन उन्होंने दुकानों को बंद ही रखा। सुबह जहां-जहां दुकानें खोली गई, वहीं किसान संगठनों के पदाधिकारी मौके पर पहुंचकर दुकानदारों से दुकानें बंद रखने की अपील करते रहे। इसके बाद दोपहर तक सभी बाजार पूर्ण रूप से बंद हो गए। किराने की दुकानें भी नहीं खोली गई। बाजारों में सिर्फ मेडिकल स्टोर ही खुली रहीं।
अनाज मंडी में नहीं हुई बोली, वकीलों ने रखा वर्क सस्पेंड
आढ़तियों से लेकर वकीलों तक ने किसानों का पूरा साथ दिया। अनाज मंडी में शुक्रवार को फसलों की बोली नहीं हुई। कोर्ट में भी मात्र 50 फीसदी ही वकील आए। मगर उन्होंने भी वर्क सस्पेंड रखकर किसान आंदोलन के समर्थन में नारेबाजी भी की। इसके अलावा कर्मचारी संगठनों ने भी किसानों के जामस्थल पर पहुंचकर उनका साथ दिया।
रोड पर ही बैठकर खाया लंगर
जीटी रोड पर ही किसानों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई। लालबत्ती चौक पर बीघड़ व सालमखेड़ा गुरुद्वारों से लंगर व चाय-पानी भेजा गया। रोड पर बैठ कर ही किसानों के साथ-साथ आसपास में काम करने वाले मजदूरों ने भी लंगर ग्रहण किया।
कृषि कानून किसानों के लिए मौत का फरमान : किसान नेता
प्रदर्शन के दौरान किसान नेता बलराज सिंह तूर, कर्मजीत सालमखेड़ा, मनफूल ढाका, रविंद्र हिजरावां, सुरेश गढ़वाल, व्यापार मंडल अनाज मंडी प्रधान जगदीश भादू, हरियाणा व्यापार मंडल प्रधान अशोक नारंग, बंसीलाल जांडवाला, संदीप काजला, संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक योगिंद्र सिंह भूथनकलां व कल्याण सिंह धांगड़ ने कहा कि नए कृषि कानून किसानों के लिए मौत का फरमान है। इन कानूनों का असर केवल किसानों पर ही नहीं, जनता के हर वर्ग पर पड़ेगा। सभी तरह के व्यापार, काम धंधे चौपट होकर रह जाएंगे। इसलिए हर वर्ग ने किसानों के समर्थन में भारत बंद में भाग लिया है।
मरीज को भी हुई परेशानी, लोगों के विरोध के बाद कार को दिया रास्ता
भूना। भूना क्षेत्र में भी किसानों ने अलग-अलग सड़कों पर जाम लगाकर आवागमन प्रभावित किया। भूना-जाखल मार्ग पर चंद्रावल माइनर के पुल पर लगाए जाम के कारण एक मरीज को भी परेशानियों से जूझना पड़ा। गांव लहरियां के कीनती कुमार का पांच दिन पहले एक्सीडेंट में हाथ और पांव में फ्रैक्चर हो गए थे। अधिक पीड़ा होने पर वह कार में परिजनों के साथ इलाज के लिए भूना अस्पताल में जा रहा था। मगर उसे काफी देर तक जाने नहीं दिया गया। जब स्थानीय लोगों ने विरोध किया तो प्रदर्शनकारियों ने उसकी कार को आगे जाने दिया।
यहां-यहां लगे जाम
फतेहाबाद में - लालबत्ती चौक, माजरा बाईपास, रतिया चुंगी, झाड़ साहब गुरुद्वारा, गांव बरसीन, गांव दरियापुर।
टोहाना में - टोहाना शहर में टाउन पार्क के बाहर, शहीद चौक, गांव कन्हड़ी, समैण, भीमेवाला व गांव डांगरा।
रतिया में - रतिया शहर में संजय गांधी चौक, रतिया-बुढलाडा बाईपास रोड, सुंदर नगर ढाणी, रतिया-सरदूलगढ़ मार्ग पर गांव रताखेड़ा।
भूना - गांव जांडली कलां के बस स्टैंड के पास सिरसा-चंडीगढ़ रोड, भूना शहर में शहीद पार्क के पास, बस स्टैंड ढाणी गोपाल, गांव सनियाणा।
जाखल - कड़ैल चौक व रेलवे स्टेशन।
भट्टू - गांव पीलीमंदोरी व भट्टू कॉलेज के सामने।
लालबत्ती चौक से गुजर रही एंबुलेंस को रास्ता देते किसान।- फोटो : Fatehabad