भूना। गांव गोरखपुर में शनिवार देर रात सिधमुख भाखड़ा नहर की पटरी टूटने से 300 एकड़ धान और नरमा की फसल जलमग्न हो गई। करीब 60 ढाणियां चारों तरफ से पानी से घिरकर टापू बन गईं। किसानों ने पूरी रात डर के साये में काटी। वहीं, सिंचाई विभाग के अधिकारी सूचना मिलते ही मौके का जायजा लिया और बचाव कार्य शुरू कराया। सिधमुख भाखड़ा नहर की पटरी शनिवार की देर रात करीब 12 बजे टूट गई। डूम्मा वाले पुल के पास 40 फीट चौड़ी दरार आने के बाद नहर का पानी तेजी से खेतों में भर गया। इस घटना की सूचना के बाद गांव के सरपंच डॉ. मनदीप योगी मौके पर पहुंचे गए। उन्होंने सिंचाई विभाग के कनिष्ठ अभियंता पवन कुमार खिचड़ और एसडीओ सुभाष सोनी को इसकी सूचना दी। हालात की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने तुरंत बलियाला हेड से पानी का बहाव बंद करवाया। साथ ही काजल हेड पर बंद अन्य माइनरों के पट्टे खोल दिए गए, ताकि पानी खेतों में और ज्यादा न फैले।
मुआवजे की मांग, आंदोलन की चेतावनी : किसानों ने प्रशासन से तुरंत गिरदावरी करवाकर नुकसान की भरपाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार और विभाग ने उनकी बात नहीं सुनी तो वे जल्द ही आंदोलन शुरू करेंगे। किसानों ने यह भी कहा कि उनकी सालभर की मेहनत इस बार फिर पानी में बह गई और उन्हें खाली हाथ नहीं लौटना है।
अधिकारी बोले- स्थिति नियंत्रण में है : एसडीओ सुभाष सोनी ने बताया कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। दरार को अस्थायी तौर पर भर दिया गया है और स्थायी मरम्मत के लिए विभागीय स्तर पर कार्यवाही की जा रही है। बिलों के कारण पटरी खोखली हो जाती है और इस वजह दरार आती है।