फतेहाबाद। बिश्नोई मंदिर में कथा की शुरुआत से पहले जोत जलाती हुई जिला परिषद की चेयरपर्सन सुमन सु
फतेहाबाद। सिरसा रोड स्थित बिश्नोई मंदिर में बिश्नोई धर्म के 542वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में मंगलवार से जाम्भाणी हरिकथा शुरू हो गई। जिला परिषद चेयरपर्सन सुमन सुभाष खिचड़ ने मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
बिश्नोई सभा फतेहाबाद के प्रधान संजय खिचड़ ने बताया कि एक नवंबर की रात जागरण होगा। दो नवंबर को कथा के समापन अवसर पर बिश्नोई रत्न और पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री की स्मृति को स्थायी रूप देने के लिए मंदिर परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि जयपुर में तैयार हो रही प्रतिमा छह फुट ऊंची और करीब पांच क्विंटल वजनी है। इसके निर्माण और स्थापना पर लगभग 20 लाख रुपये खर्च हुए हैं। दो नवंबर को होने वाले अनावरण कार्यक्रम में भजनलाल के बेटे कुलदीप बिश्नोई, मंत्री कृष्ण कुमार बेदी और श्रुति चौधरी, पूर्व विधायक दुड़ाराम, पूर्व विधायक भव्य बिश्नोई और नलवा विधायक रणधीर पनिहार शामिल होंगे। इसके अलावा 29 अक्तूबर को रक्तदान शिविर भी लगाया जाएगा।
श्रद्धालुओं ने सुनी गुरु जंभेश्वर महाराज की वाणी
कथावाचक रामकुमार भादू ने जाम्भाणी हरिकथा करते हुए कहा कि गुरु जंभेश्वर महाराज की शिक्षाओं, आदर्शों और उनके बताए मार्ग पर कैसे चला जा सकता है। जाम्भाणी हरिकथा में प्रकृति संरक्षण, जीवों के प्रति दया, सदाचार और सामाजिक जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने का संदेश मिलता है। बिश्नोई समाज में जांभवाणी का विशेष धार्मिक महत्व है। श्रद्धालु कथा के माध्यम से गुरु जंभेश्वर महाराज के उपदेशों को सुनकर उन्हें अपने जीवन में अपनाएं। कथा के आयोजन का उद्देश्य गुरु जंभेश्वर महाराज की शिक्षाओं और उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है ताकि नई पीढ़ी भी उनके आदर्शों से परिचित हो सके।
फतेहाबाद। बिश्नोई मंदिर में कथा की शुरुआत से पहले जोत जलाती हुई जिला परिषद की चेयरपर्सन सुमन सु