फतेहाबाद। सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए लगाई गई एंबुलेंस की मरम्मत को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने नया फैसला लिया है। एंबुलेंस की मरम्मत को लेकर गड़बड़ी रोकने के लिए रोडवेज विभाग को बीच में शामिल किया गया है। खराब हुई एंबुलेंस को अब कर्मचारी सीधा वर्कशॉप पर ठीक नहीं करवा सकेंगे।
गाड़ी खराब होने पर पहले रोडवेज वर्कशॉप में लेकर जानी होगी। यहां पर रोडवेज वर्कशॉप के कर्मचारी जांच करेंगे कि गाड़ी में क्या खराबी है और कितनी खराबी है। इसको लेकर रोडवेज वर्कशॉप में रिपोर्ट तैयार होगी। रोडवेज वर्कशॉप से अनुमति मिलने के बाद ही एंबुलेंस को बाहर वर्कशॉप पर ठीक करवाया जा सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसको लेकर निर्देश जारी कर दिए हैं। जिले में करीब 25 एंबुलेंस हैं, जो कि नागरिक अस्पताल, उपनागरिक अस्पताल टोहाना, रतिया और सीएचसी व पीएचसी पर तैनात हैं। संवाद
ये है जिले में तैनात एंबुलेंस की स्थिति
अस्पताल एंबुलेंस
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद 5
उप नागरिक अस्पताल टोहाना 3
उप नागरिक अस्पताल रतिया 3
सीएचसी भट्टू 1
सीएचसी भूना 1
सीएचसी जाखल 1
सीएचसी बड़ोपल 1
पीएचसी अहरवां 1
पीएचसी नागपुर 1
पीएचसी कुलां 1
पीएचसी म्योंदकलां 1
पीएचसी मामुपुर 1
पीएचसी पिरथला 1
पीएचसी नहला 1
पीएचसी भिरड़ाना 1
पीएचसी बनगांव 1
पीएचसी पीलीमंदोरी 1
पीएचसी खैरातीखेड़ा 1
एंबुलेंस पर चालकों और ईएमटी का टोटा
जिले में एंबुलेंस पर चालकों और ईएमटी की कमी है। एंबुलेंस पर 76 चालकों की जरूरत है जबकि 68 ही चालक तैनात हैं। आठ ड्राइवरों की कमी है। इसके अलावा ईएमटी के 45 पद है लेकिन 31 ही हैं। एंबुलेंस में घायल को लाने और रेफर को ले जाने पर ईएमटी प्राथमिक उपचार देते हैं। यहां तक दो ही ऑपरेटर के सहारे कंट्रोल रूम चल रहा है। चार पद है जिसमें एक ऑपरेटर नौकरी छोड़ चुका है तो दूसरा छुट्टियों पर है।
कोट
सरकारी एंबुलेंस को लेकर नई गाइडलाइन आई है, इस संबंध में निर्देश भी आ गए हैं। एंबुलेंस को पहले रोडवेज वर्कशॉप में कर्मचारी जांच करेंगे कि किस सामान की जरूरत है और टायर डलेगा या नहीं आदि कार्यों को पहले देखा जाएगा। इसके बाद ही एंबुलेंस को गाड़ी को आगे वर्कशॉप पर ठीक होने के लिए भेजा जाएगा।
-शेर सिंह, रोडवेज महाप्रबंधक