नागपाल बंधुओं के साथ बेरहमी से मारपीट करने के मामले में सस्पेंड चल रहे सब इंस्पेक्टर दिनेश कुमार्र इाकर इंस्पेक्टर दलीप सिंह को बहाल कर दिया गया है। दोनों को जिम्मेवारी भी दे दी गई है। सब इंस्पेक्टर दिनेश कुमार एसएचओ टोहाना और इंस्पेक्टर दलीप सिंह को एंटी व्हीकल एंव एंटी कैटल थेफ्ट टोहाना में लगाया गया है। इसी के साथ पुलिस अधीक्षक ने ऐसे चार पुलिस कर्मियों को भी बहाल कर दिया है, जो सस्पेंड चल रहे थे। उन 22 पुलिस कर्मियों को भी वापस ड्यूटी पर बुला लिया है जो लंबे समय से छुट्टी पर चल रहे थे। इसके पीछे कारण जाट आंदोलन के चलते मुख्यालय से जारी हुए आदेश बताए जा रहे हैं।
ये हुए फेरबदल:
-इंस्पेक्टर दलीप सिंह पुलिस लाइन से इंचार्ज एंटी व्हीकल और कैटल थेफ्ट टोहाना
-सब इंस्पेक्टर अनूप सिंह एंटी व्हीकल कैटल थेफ्ट टोहाना से सीआईए स्टाफ फतेहाबाद
-सब इंस्पेक्टर दिनेश कुमार पुलिस लाइन फतेहाबाद से एसएचओ सिटी टोहाना
-सब इंस्पेक्टर जगदीश चंद्र एसएचओ सिटी टोहाना से रतिया
-ईएसआई कृष्ण कुमार रतिया से सिटी टोहाना
विभागीय और मानवअधिकार आयोग की जांच से पहले बहाल हुए एसएचओ:
नगर परिषद चुनाव में फर्जी वोटिंग का विरोध करने पर पुलिस कर्मी महेश नागपाल और रितेश नागपाल को घसीटते हुए सीआईए में ले गए। आरोप है कि जहां पर नागपाल बंधुओं को बेरहमी से पीटा गया। पता लगने पर उसी रात पंजाबी समुदाय के लोगों ने छह घंटे तक नेशनल हाइवे जाम रखा था।
सर्वसमाज की महापंचायत में एसपी ओपी नरवाल ने माफी मांगी और उसके बाद एसएचओ दिनेश कुमार तथा एसएचओ दलीप सिंह को सस्पेंड कर दिया गया। मामला फतेहाबाद में आए हरियाणा मानव अधिकार आयोग के चेयरमैन के सामने भी उठा। उन्होंने भी कहा था कि मामले की जांच करवाई जाएगी, लेकिन उससे पहले दोनों एसएचओ को बहाल कर दिया गया है।
मुख्यालय से आदेश मिलने के बाद छह पुलिस कर्मी जो कि सस्पेंड थे, उन्हें बहाल कर दिया गया है। 22 पुलिस कर्मी जो छुट्टी पर चल रहे थे उन्हें वापस बुला लिया गया है। जिस भी पुलिस कर्मी के खिलाफ जांच चल रही है, वह जारी रहेगी। एसएचओ दिनेश कुमार और दलीप के मामले की जांच एएसपी गंगाराम पूनियंा कर रहे हैं।
ओपी नरवाल
पुलिस अधीक्षक फतेहाबाद।