पंजाब नेशनल बैंक गोहाना के लॉकरों को तोड़कर चोरी करने की घटना के बाद अधिकारियों ने बैंकों की सुरक्षा मानकों की जांच शुरू कर दी है।
लॉकर वाले बैंकों के अधिकारी ने कमियों को ढूंढकर उनको दूर करने का प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के दावों में तो बैंक की सुरक्षा पुख्ता है लेकिन गोहाना वाली घटना से सभी बैंकों में अफरा तफरी का आलम है।
बैंकों के अधिकारियों ने अलर्ट होकर इस घटना के बाद सुरक्षा मानकों की जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा के मामले में छोटे शाखाओं की अपनी परेशानी है। इनके अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा गार्ड के मुख्य शाखा पर निर्भर हैं। कभी गार्ड मिलता है तो कभी नहीं।
गोहाना की घटना के बाद पुलिस भी बैंकों के आसपास खाली प्लॉट और भवनों की जानकारी एकत्रित करने में जुट गई है। फतेहाबाद के 30 ब्रांचों में लॉकर की सुविधा है। यहां के अधिकारियों का कहना है कि बैंकों में इमरजेंसी अलार्म, सीसीटीवी कैमरे, सेंसर और टाइम लॉक की सुविधा पुख्ता है।
हर बैंक में सुरक्षा का दावा :
फतेहाबाद में सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक और उनकी ब्रांचें नेशनल हाईवे पर स्थित हैं। अधिकारियों के अनुसार यहां लगे सीसीटीवी कैमरे में हर वक्त रिकार्डिंग चालू रहती है, जो बैंक मैनेजर के कक्ष में लगी एलईडी पर दिखती है। इससे बैंक में आनेजाने वाले हर शख्स पर निगरानी रहती है। सेंसर लगे कैमरे में तीन फीट से कोई भी बड़ी चीज सामने आने पर इस्टूमेंट में लगा अलार्म बजने लगता है।
कैश रूम में 24 घंटे रहते हैं सुरक्षाकर्मी :
पड़ताल के अनुसार बैंकों के कैश रूम हर वक्त चार सुरक्षाकर्मी रहते हैं। मगर हैरानी इस बात की है कि जिले के सभी बैंकों में सुरक्षा गार्ड नहीं हैं। जिन बैंकों में गार्ड हैं, उन्हें यह सुविधा हेड ऑफिस ने दे रखी है। अगर कोई बैंक अपने लेवल पर गार्ड रखना चाहता है तो उनको अधिकारियों से स्वीकृति लेनी पड़ती है, जो आसानी से नहीं मिलती।
क्या कहते हैं अधिकारी
लीड बैंक डायरेक्टर रामफल पूनिया का कहना है कि कैश रूम में हर वक्त सुरक्षाकर्मी रहते हैं। यह सही है कि सभी बैंकों में सुरक्षागार्ड नहीं है। बैंकों में लॉकर और कैश रूम मजबूत हैं। इसके बावजूद सुरक्षा के इंतजाम की डिटेल जुटानी शुरू कर दी है ताकि कमियों को दुरुस्त करवाया जा सके। लॉकरों को तोड़ने की घटना के बाद सभी बैंकों के अधिकारी अलर्ट हैं। सीसीटीवी कैमरे और गार्ड संदिग्ध लोगों पर नजर रखे हुए हैं।