रतिया। एचडीएफसी बैंक के दो उपभोक्ताओं ने अपने कई समर्थकों के साथ बैंक कर्मचारियों पर उनके खाते से दो करोड़ 70 लाख रुपये फर्जी तरीके से निकालने के आरोप में हंगामा कर दिया। इसमें एक इटली में रह रहे उपभोक्ता ने बैंककर्मी पर उसके फर्जी हस्ताक्षर कर पत्नी के खाते में दो करोड़ ट्रांसफर करने का आरोप लगाया है। साथ ही उपभोक्ता ने बैंक मैनेजर के केबिन में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दो दिन में उनके खाते से निकाली गई राशि नहीं डाली तो वह बैंक कार्यालय के सामने आत्महत्या कर लेगा। वहीं, परिजनों ने पुलिस कर्मचारियों पर भी धोखाधड़ी करने वाले बैंक कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों को शिकायत भेजी है।
दरअसल मंगलवार दोपहर को गांव कुनाल व रतिया के कई ग्रामीण एचडीएफसी बैंक के अंदर आए और बैंक कर्मचारियों के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए मैनेजर यश नारंग के केबिन में पहुंच गए। वहां पर बैंक कर्मचारियों पर करोड़ों रुपये की राशि फर्जी तरीके से निकालने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। गांव कुनाल निवासी लखविंदर सिंह ने बताया कि वह पिछले 20 सालों से इटली में काम कर रहा है और उसने वहां पर काम करके कमाए हुए करीब दो करोड़ रुपये रतिया के एचडीएफसी बैंक के अपने खाते में जमा करवाए थे। जब वह कुछ दिन पहले रतिया में जमीन खरीदने के लिए आया और अपने अकाउंट से पैसे निकालने लगा तो उसे पता चला कि उसके अकाउंट से बैंक कर्मचारियों ने फर्जी तरीके से दो करोड़ रुपये किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर दिए हैं। इसकी शिकायत उसने रतिया पुलिस में भी चार दिन पहले दर्ज करा दी। लखविंदर सिंह ने शिकायत में बैंक मैनेजर यश नारंग, बैंक कर्मचारी अंकुश भाटिया, अंकुश की पत्नी शैली भाटिया, जशनदीप सिंह, राकेश कुमार व अन्य व्यक्तियों के खिलाफ आरोप लगाए थे। लखविंदर ने आरोप लगाया कि अंकुश भाटिया व अन्य कर्मचारियों ने उसकी गैरमौजूदगी में फर्जी तरीके से उसके खाते से चेक बुक अप्लाई की और बैंक में ही रिसीव कर ली। उसकी फर्जी चेकबुक के माध्यम से अंकुश भाटिया ने उसके फर्जी हस्ताक्षर कर करीब डेढ़ करोड़ की राशि अपनी पत्नी के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करवा दी जबकि अन्य व्यक्तियों के खाते में 50 लाख ट्रांसफर करवा दी। हालांकि, 50000 से ज्यादा राशि ट्रांसफर की जाए तो बैंक कर्मचारी उपभोक्ता को फोन करके उसकी जांच करते हैं, लेकिन उसके खाते से एक दिन में 30 लाख रुपये बैंक कर्मचारी द्वारा अपनी पत्नी के खाते में ट्रांसफर की गई।
वहीं, एक अन्य उपभोक्ता अमृत पाल निवासी रतिया ने आरोप लगाया कि उसके अकाउंट से भी बैंक कर्मचारियों ने फर्जी वाउचर बनाकर 70 लाख रुपये निकाल लिए। बैंक उपभोक्ताओं के समर्थन में गांव के कई लोग बैंक मैनेजर के केबिन में पहुंच गए और हंगामा करना शुरू कर दिया। वहीं, खेती बचाओ संघर्ष समिति के प्रधान जरनैल सिंह भी अपनी टीम के साथ बैंक में पहुंच गए और बैंक मैनेजर से जवाब तलबी की। लखविंदर सिंह ने बैंक मैनेजर को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दो दिन में दो करोड़ वापस नहीं किए तो वह बैंक कार्यालय के सामने ही आत्महत्या कर लेगा।
कोट
जो शिकायत लखविंदर सिंह द्वारा बैंक कर्मचारियों के खिलाफ दी गई है, उसके बारे में बैंक से रिकॉर्ड तलब किया गया है। जब बैंक द्वारा रिकॉर्ड उपलब्ध करवा दिया जाएगा, उसको जांच के लिए इकोनॉमिक सेल में भेज दिया जाएगा। जांच के बाद नियम अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
-जयसिंह शर्मा, एसएचओ, रतिया शहर थाना
कोट
मेरे ऊपर लगाए गए आरोप निराधार : बैंक मैनेजर
मेरे ऊपर लगाए गए आरोप निराधार हैं। नियमानुसार क्लीयरिंग में जो चेक आते हैं, बैंक कर्मचारियों द्वारा खाताधारक के हस्ताक्षर चेक करके चेक क्लियर कर दिया जाता है। इस केस में भी ऐसे ही हुआ है। मामले की शिकायत पुलिस में दी गई है। पुलिस द्वारा जांच में जो रिकॉर्ड मांगा जाएगा, वह उपलब्ध करवा दिया जाएगा। पुलिस अधिकारियों को भी मामले में पूर्ण सहयोग करने का आश्वासन दिया गया है।
-यश नारंग, मैनेजर, एचडीएफसी बैंक रतिया