फतेहाबाद में कम्प्न्यूटर लैब में पढ़ते हुए छात्र स्त्रोत शिक्षा विभाग
फतेहाबाद। सरकारी स्कूलों में वर्ष 2011-12 में स्थापित आईसीटी कंप्यूटर लैब के पुराने उपकरणों की नीलामी या निस्तारण पर रोक लगा दी गई है। न्यायालय में मामला विचाराधीन होने तक स्कूलों को सभी उपकरण सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में पत्र जारी किया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि वर्ष 2011-12 में स्थापित आईसीटी कंप्यूटर लैब के उपकरणों को नष्ट या नीलाम नहीं किया जाए।
वर्ष 2011-12 में सेवा प्रदाता कंपनी कोर एजुकेशन एंड टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने प्रदेश के 2617 सरकारी स्कूलों में आईसीटी लैब स्थापित की थीं। इन लैब में कंप्यूटर और अन्य आईटी उपकरण उपलब्ध करवाए गए थे।
निदेशालय के अनुसार सेवा प्रदाता का अनुबंध वर्ष 2014 में समाप्त हो गया था। इसके बाद कई उपकरण पुराने और अनुपयोगी हो चुके हैं। प्रत्येक लैब में दो सर्वर और 20 टर्मिनल वाले एन-कंप्यूटिंग उपकरण लगाए गए थे। इसके अलावा जेनसेट, यूपीएस, प्रिंटर, प्रोजेक्टर और अन्य सामग्री भी उपलब्ध करवाई गई थी।
इन उपकरणों से जुड़ा मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में इनका निस्तारण करना उचित नहीं माना गया है। निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों और संबंधित स्कूलों के प्रधानाचार्यों व मुखियाओं को उपकरण सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
जिले में 86 हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में आईसीटी लैब संचालित हैं। यहां भी न्यायालय का फैसला आने तक पुराने आईटी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सुरक्षित रखने होंगे।