रतिया क्षेत्र के गांव सरदारे वाला,खाई ,नंगल के पास से निकल रही भाखड़ा नहर।
रतिया (फतेहाबाद)। पंजाब से हुई कटौती के बाद भाखड़ा नहर में पानी की कमी हो गई है। इस कारण भाखड़ा के पानी से सिंचाई पर रोक लगा दी गई है। इस कारण बढ़ती गर्मी के साथ क्षेत्र में किसानों और ग्रामीणों को समस्या हो रही है। शुरुआती दौर में जल संकट गहराने के कारण पानी की कटौती से मई, जून में समस्या बढ़ने की आशंका है।
पंजाब से हुई पानी की कटौती के बाद क्षेत्र के 31 गांवों में पेयजल संकट गहराने लगा है। इसी कारण जिला प्रशासन ने भाखड़ा के पानी से सिंचाई पर रोक लगाकर पीने के पानी की व्यवस्था करने के आदेश दिए हैं। फिलहाल जन स्वास्थ्य विभाग नहरी पानी से टैंकों को भर रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग के उपमंडल अधिकारी अंचल जैन ने बताया कि पहले क्षेत्र में पानी की कोई कमी नहीं थी। मांग के मुताबिक पानी उपलब्ध करवा दिया जाता था, लेकिन अब बदले हालात के कारण शेड्यूल बनाकर पानी दिया जा रहा है।
भाखड़ा नहर के किनारे बसे सरदारेवाला, नंगल क्षेत्र में पानी का बहाव काफी कम है। पंजाब सरकार से पानी की कटौती के बाद भाखड़ा के आसपास के ग्रामीणों को पीने और सिंचाई के लिए पानी की कमी हो गई है। लोग काफी परेशान हैं। इसलिए प्रदेश सरकार को इसका संज्ञान लेना चाहिए। - पप्पू कटारिया।
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पंजाब सरकार ने राजनीति के कारण प्रदेश के पानी में कटौती की है। बढ़ती गर्मी में ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। भाखड़ा में पहले से आधा पानी आने के कारण ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीर दिखाई दे रही है। उसका संज्ञान लेकर प्रदेश सरकार को समस्या को गंभीरता से हल करवाना चाहिए। - पप्पू ओढ़।
भाखड़ा से पानी में कटौती से क्षेत्र में सिंचाई विभाग ने खेतों के लिए पानी बंद कर दिया है। पीने के पानी के लिए भी समय निर्धारित किया गया है। इससे लग रहा है कि आने वाले दिनों में आमजन की परेशानी बढ़ेगी। जिला प्रशासन को योजना बनाकर आमजन की समस्या सुलझाने का प्रयास करना चाहिए। - रवि।
जिस तरह पंजाब सरकार में अचानक पानी की कटौती कर दी है, यह चिंताजनक है। प्रदेश सरकार को क्षेत्र के लोगों को पानी दिलाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था यथाशीघ्र करनी चाहिए। स्थानीय लोगों को भी जिला प्रशासन के साथ-साथ मिलकर जल संरक्षण के लिए हरसंभव सहयोग करना चाहिए। - सोनू, ग्रामीण।