टोहाना। शहर के आजाद नगर स्थित बजरंग मॉडल स्कूल के सामने स्थित बजरंग बाली स्पोर्ट्स एकेडमी करीब 28 साल से खिलाड़ियों को तैयार कर रही है। खिलाड़ियों ने भी अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। इस एकेडमी के संचालक विनय वर्मा के नेतृत्व में एनआईएस कोच महेश कुमार व ज्योति करीब 65 खिलाड़ियाें को प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षण लेने वालों में 37 लड़के और 28 लड़कियां शामिल हैं। यहां हर रोज शाम को 5 बजे से 7 बजे तक प्रशिक्षण दिया जाता है।
विनय वर्मा बताते हैं कि साल 1990 में उनके पिता रामअवतार वर्मा व माता कृष्णा वर्मा ने शिक्षा का पौधा लगाया। इसके बाद एकेडमी को शुरू किया गया। इस एकेडमी ने अब तक सैकड़ों होनहार खिलाड़ियों को देश को समर्पित किया है, जो अब देश की पहचान बन चुके हैं। वे समय समय पर देश की जानी मानी हस्तियों को बुलाते हैं ताकि खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया जा सके।
ये है एकेडमी की उपलब्धि
विनय वर्मा अपने कॉलेज के समय में अच्छे मुक्केबाज रहे हैं, इसलिए उन्होंने इस एकेडमी को शुरू किया। एकेडमी संचालक व मुक्केबाज कोच विनय वर्मा के मार्गदर्शन में सुनीता गोयल ने बॉक्सिंग में राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन किया और अग्रवाल समाज की तरफ से देश की पहली महिला बॉक्सर बनने का रिकॉर्ड दर्ज करते हुए ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। सुनीता की उपलब्धि के बाद उसे हरियाणा पुलिस में नौकरी भी मिल गई। मोनी सैनी ने भी यहां से बॉक्सिंग सीखकर हरियाणा पुलिस में नौकरी हासिल की। वहीं, सुरेंद्र सिंह भी हरियाणा के मुख्यमंत्री के गनमैन के तौर पर कार्यरत हैं। इस एकेडमी के गुरदीप सिंह, राम सिंह व महावीर सिंह इंडियन आर्मी, योगेश नैन दिल्ली में शारीरिक शिक्षक व रितु रंगा कोच के पद पर कार्यरत हैं। अंकित कालीरमण भी ऑल इंडिया गोल्ड मेडल विजेता हैं।
योग, मुक्केबाजी व कबड्डी में भी छाए खिलाड़ी
विनय ने बताया कि यहां खिलाड़ियों को कुश्ती, मुक्केबाजी, योग व कबड्डी के खेलों के लिए तैयार किया जाता है। पूनम शर्मा ने रूस में सिल्वर मेडल जीता। कविता नैन ने हंगरी व थाईलैंड में भारत का प्रतिनिधित्व किया। भतेरी व ज्योति राजन ने किक बॉक्सिंग, नेहा नेहरा, दीप्ति जिंदल, दीपिका रानी व मुनींद्र सिंह ने योग में राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा का प्रतिनिधित्व किया। वहीं, विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ाई करने वाले रामलाल शर्मा भी इसी एकेडमी से निकले, जो हरियाणा पुलिस में सब इंस्पेक्टर है। वहीं सुमन सैनी व अनु सैनी ने श्रीलंका में मार्शल आर्ट में सिल्वर मेडल हासिल किया है।
खिलाड़ियों को हर बारीक से बारीक गुण सिखाया जाता है ताकि वे किसी भी क्षेत्र में पीछे न रहे। विनय वर्मा उनकी पूरी मदद करते हैं ताकि खिलाड़ियों का हौसला बढ़े। अब तक कई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन कर चुके हैं।
-महेश कुमार, कोच
महिला खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा देने के लिए अलग से कोच की सुविधा दी गई है, इसलिए मैं लंबे समय से बेटियों को प्रशिक्षण दे रही हूं। हर माता-पिता से यही अपील करूंगी कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और उन्हें बेहतर खिलाने का काम वे स्वयं करेंगी।
-ज्योति वर्मा, कोच
हमारी एकेडमी में बेटे व बेटियों दोनों के लिए अलग-अलग कोच की सुविधा दी गई। एकेडमी द्वारा लंबे समय से खिलाड़ी तैयार किए जा रहे हैं। सरकारी खेल नर्सरी के लिए आवेदन किया गया है, सरकार को इसमें सहयोग करना चाहिए।
-विनय वर्मा, संचालक
हमारे कोच बॉक्सिंग की बारीकियां हमें सिखाते हैं, जिससे हमें लाभ मिल रहा है। हमारा उद्देश्य देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना है।
-प्राची, प्रशिक्षणार्थी
रोजाना शाम के समय प्रशिक्षण लेने के लिए एकेडम में आते हैं। सुरक्षित माहौल में प्रशिक्षण दिया जाता है। हर खिलाड़ी यहां देश के लिए खेलने का लक्ष्य रखता है।
-इंदु, प्रशिक्षणार्थी
एकेडमी में लड़के व लड़कियों को अलग-अलग कोचिंग दी जाती है ताकि उन्हें कोई परेशानी न आएं। कोई भी खिलाड़ी कोच से कुछ भी पूछ सकता है।
-मयंक जांगड़ा, प्रशिक्षणार्थी
हमारी एकेडमी में हर साल नए-नए अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी बुलाए जाते हैं, जिनसे बारीकियां सीखने काे मिलतीं है और हौसला भी बढ़ता है।
-रिपिका, प्रशिक्षणार्थी
एकेडमी में आने के बाद घर जैसा माहौल दिया जाता है। एनआईएस कोच बारीकी से खेल के गुर सिखाने का काम करते हैं। देश के लिए खेलना ही लक्ष्य है।
गुरदित्त सिंह, प्रशिक्षणार्थी