टोहाना। दमकोरा रोड स्थित ऋग्वेदा इंटरनेशनल स्कूल परिसर में शनिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य रूप से डीएसपी उमेद सिंह एवं यातायात पुलिस इंचार्ज दिलबाग सिंह ने शिरकत की।
कार्यक्रम के दौरान स्कूल में पहुंचने पर निदेशक प्रदीप मडिया एवं अरुण कंबोज द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साइबर क्राइम से बचाव, यातायात नियमों की पालना करने व नशे से दुष्प्रभाव बारे जागरूक किया गया। डीएसपी उमेद सिंह ने कहा कि साइबर अपराध बढ़ता जा रहा है। ठगों द्वारा रोजाना नए नए तरीके से आमजन को ठगा जा रहा है।
ठगी का शिकार होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दें। साइबर क्राइम करने वाले लोग बड़े ही शातिर किस्म के होते हैं जो आपकाे अपना रिश्तेदार या पड़ोसी बताकर ठगी करने का प्रयास करते हैं। ये आपको सोशल मीडिया फेसबुक, व्हाट्स एप व इंस्टाग्राम से आपके साथ जुड़कर गलत वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करके रुपये मांगने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा कि जिले में साइबर क्राइम थाना, साइबर सेल व साइबर हेल्प डेस्क बनाया गया है, जो आमजन की मदद के लिए कार्य कर रहा है। वहीं डीएसपी ने कहा कि नशे से बचकर युवा देश को आगे ले जाने में अपनी भूमिका निभाएं। नशा एक व्यक्ति ही नही पूरे परिवार व समाज के लिए घातक साबित होता है। सभी बच्चे यातायात के नियमों की पालना करे, 18 साल से पहले वाहन न चलाए, उसके बाद नियमों की जानकारी लेकर ही वाहन चलाए।
ट्रैफिक नियमों की जानकारी ग्रहण करने के बाद ही वाहन चलाए : दिलबाग सिंह
इस दौरान ट्रैफिक पुलिस इंचार्ज इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह ने कहा कि नियमों की अवहेलना करने के कारण रोजाना हजारों लोग सड़क हादसे का शिकार हो जाते है, ऐसे नियमों की जानकारी होना सबसे जरूरी है जिससे हादसों पर अंकुश लगाया जा सकता है। प्रत्येक विद्यार्थी 18 साल की उम्र होने के बाद अपना लाइसेंस बनवाए, इससे पहले आप वाहन चलाने योग्य नही है। हर विद्यार्थी को अपने माता-पिता को भी यातायात के नियमों बारे जागरूक करना चाहिए कि वे बाइक चलाते समय हेलमेट का प्रयोग करे, कार चलाते समय सीट बेल्ट अवश्य लगाए तथा हर प्रत्येक दस्तावेज अपने साथ रखें।
-सोशल मीडिया अकाउंट पर अनजान लोगों से दूरी बनाए रखने बारे जागरूक किया तथा फेक कॉल आने पर पुलिस में सूचना देने बारे बताया गया। इस तरह के कार्यक्रम से अच्छी जानकारी मिलती है और हम अपराध से बच सकते हैं।
-आरवी, छात्रा
वर्तमान समय में साइबर ठग अलग-अलग तरीके से ठगी कर रहे हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से जागरूकता आई है, अब वे पूरी तरह सतर्क रहेंगे। इसके अलावा व अन्य लोगों को इस बारे में जागरूक कर अपराध से बचाएंगे।
- अर्थ, छात्र
कार्यक्रम में ड्राइविंग करते समय यातायात नियमों के पालन के करने बारे में जानकारी मिली है। बाइक, स्कूटी चलाते समय हेलमेट लगाना जरूरी है जिससे हादसों में कमी आएगी। नियमों का सभी का पालन करना चाहिए।
-कुशल, छात्र
आज के समय में जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है, ऐसे कार्यक्रम से हमें साइबर क्राइम बारे जानकारी मिली है इसलिए वे किसी के बहकावे में नहीं आएंगे। ऐसे कार्यक्रम उनकी जागरूकता बढ़ाते हैं।
-पंशुल, छात्र
नशा एक अभिशाप है इससे बचने के लिए जानकारी मिली है। नशा करने वाला व्यक्ति परिवार व समाज का भी नुकसान करता है। मोबाइल फोन का प्रयोग करते समय सावधानियां बरतने बारे जागरूक किया गया।
-पियांशु, छात्रा
पुलिस द्वारा साइबर क्राइम के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है, जिससे उनको लाभ मिलेगा। इस जानकारी से वे आसपास के लोगों को भी जागरूक कर पाएंगे। अपने मोबाइल फोन का ओटीपी किसी को न देने व अंजान वीडियो कॉल न उठाने के बारे में बताया गया।
-सृष्टि, छात्रा
वर्तमान समय की जरूरत को समझते हुए विद्यार्थियों को साइबर क्राइम के बारे जागरूक करना जरूरी है, ऐसे कार्यक्रम से विद्यार्थियों को युवा अवस्था से ही जानकारी होना जरूरी है। नशा व ट्रैफिक नियमों के बारे जानकारी मिलने से विद्यार्थियों की नींव मजबूत होगी, जिससे वो भविष्य में गलत संगत में नहीं जाएगा।
प्रदीप मडिया, निदेशक ऋग्वेदा इंटरनेशनल स्कूल टोहाना।