फतेहाबाद। टोहाना में नशा पीड़ितों के लिए शुरू होने वाले एटीएफ यानि एडिक्शन ट्रीटमेंट फेसिलिटी में डॉक्टर व कर्मचारियों की भर्ती में एक बार फिर से पेच फंस गया है। दस्तावेज सत्यापन के बाद मेरिट सूची जारी करने से पहले सिविल सर्जन कार्यालय ने एनएचएम एमडी से भर्ती के लिए मार्गदर्शन मांगा गया है।
वजह ये है कि भर्ती के लिए स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय ने एक ही दिन में दो गाइडलाइन जारी की थी। इसमें स्टेट लेवल पर होने वाली भर्ती और जिला स्तर पर सोसायटी द्वारा की जाने वाली भर्ती शामिल है। अब इन गाइडलाइन के लिए सिविल सर्जन कार्यालय मार्गदर्शन मांगा गया है। सिविल सर्जन कार्यालय ने 22 और 23 दिसंबर को वंचित उम्मीदवारों के दस्तावेज का सत्यापन किया है।
विभाग की तरफ से भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए थे। इसमें मेडिकल ऑफिसर, काउंसलर, नर्सिंग ऑफिसर और डाटा मैनेजर शामिल हैं। इन चार पदों के लिए 669 उम्मीदवारों ने आवेदन किया हुआ है। नर्सिंग ऑफिसर के लिए ही 326 आवेदन आए। हालांकि दो बार मौका देने के बाद 50 फीसदी ने ही दस्तावेज का सत्यापन करवाया है।
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चुनाव के चलते अटक गई थी भर्ती
टोहाना में नशा पीड़ितों के उपचार के लिए शुरू होने वाले एटीएफ को पिछले साल मंजूरी मिली थी। पिछले साल सितंबर माह में भर्ती निकाली गई लेकिन चुनाव आचार संहिता के चलते अटक गई थी। इसके बाद डीसी की टेबल पर फाइल रुकी रही लेकिन इस बीच अनुबंध का समय बीत गया और भर्ती रद्द कर दी गई। अब नए सिरे से आवेदन मांगे गए थे।
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दाखिल हो पाएंगे मरीज
नशा पीड़ितों को उपचार के लिए फतेहाबाद आने की जरूरत नहीं होगी। मरीजों को टोहाना में ही दाखिल करके उपचार मिल सकेगा। हालांकि वहां पर ओपीडी जारी है। इस प्रोजेक्ट पर एम्स बजट खर्च करेगा।
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एटीएफ भर्ती के लिए मुख्यालय की तरफ से एक ही दिन में दो गाइडलाइन जारी की गई है। इसमें स्टेट और जिला स्तर पर होने वाली भर्ती शामिल है। मुख्यालय से गाइडलाइन के बारे में मार्गदर्शन मांगा गया है।
-डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन।