निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मचारियों ने एस्मा जैसा काला कानून थोपने के खिलाफ सर्व कर्मचारी संघ व कर्मचारी महासंघ के सभी विभागों के कर्मचारियों ने फतेहाबाद में रोष प्रदर्शन किया। विभिन्न विभागों के सैकड़ों कर्मचारी लाल बत्ती चौक पर इकट्ठे हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद यहां से रोष प्रदर्शन करते हुए कर्मचारी फव्वारा चौक, हंस मार्केट होते हुए बस स्टैंड के सामने पहुंचे और एस्मा कानून की प्रतिलिपि जलाकर अपना विरोध जताया। प्रदर्शन की अध्यक्षता महासंघ के राज्य उपप्रधान सुरेंद्र मलिक ने की।
जिला सचिव अजमेर सिंह ने कहा कि सरकार अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए बिजली समेत सभी पब्लिक सेक्टरों को प्राइवेट हाथों में देना चाहती है। जब कर्मचारी निजीकरण के खिलाफ एकजुट होकर लड़ते हैं, तो सरकार बातचीत का रास्ता अख्तियार ना करके कर्मचारियों को आवाज को दबाने के लिए कच्चे कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रही है तथा एस्मा जैसे काले कानून को कर्मचारियों पर लगाने का काम करती है।
उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारी 29 और 30 जून को दो दिन की हड़ताल शांतिपूर्ण तरीके से करेंगे। अगर सरकार ने हड़ताल को दबाने का प्रयास बंद नहीं किया, तो सर्व कर्मचारी संघ व महासंघ के कर्मचारी बिजली कर्मचारियों के समर्थन में आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की दमनकारी व निजीकरण की नीतियों के खिलाफ कर्मचारियों द्वारा 27 जून को सांय 6 से 8 बजे तक शहर में मशाल जुलूस भी निकाला जाएगा।
सर्व कर्मचारी संघ ने राजस्थान के टप्पूखेड़ा के होंडा कंपनी से करीब 3 हजार कर्मचारियों को निकालने का भी विरोध किया और हटाए गए कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन दिया। प्रदर्शन को पिरथी बाना, बेगराज, रमेश तुषामढ़, ओमप्रकाश लोट, सूरजभान चोपड़ा, सुभाष चौहान, बलवंत सिंह, कृष्ण बिश्नोई, फकीर चंद, अजय वशिष्ठ, अमित शर्मा, मलकीत सिंह सहित अनेक कर्मचारी नेताओं ने भी संबोधित किया।