संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। जिले की अनाज मंडियों में सरसों की आवक तेजी पकड़ चुकी है। सोमवार को सरसों की आवक बढ़ने से मंडियों में निजी व्यापारियों ने एमएसपी भाव से 300 रुपये प्रति क्विंटल कम पर खरीद की। इससे सोमवार को कई किसान भाव गिरने से अपनी सरसों की फसल मंडी से लेकर चले गए।
सोमवार को जिले की अनाज मंडियों में करीब 1540 क्विंटल सरसों की आवक हुई। जिले में शुक्रवार और शनिवार को सरसों की फसल अधिकतम 6025 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीद की गई थी। लेकिन सोमवार को अनाज मंडियों में आवक बढ़ने से 5650 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीद हो पाई है, जिससे प्रति क्विंटल 300 रुपये की गिरावट दर्ज हुई है।
सरकार की ओर से जिले में सरसों की खरीद शुरू करने के लिए 15 मार्च से निर्देश जारी करते समय सरसों की फसल का एमएसपी 5950 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। वहीं अनाज मंडियों में निजी व्यापारियों व मिल संचालकों की ओर से सरसों की फसल को एमएसपी के भाव से ज्यादा में भी खरीद की है, लेकिन सोमवार को फिर से सरसों के भाव में कमी होने पर कुछ किसान अपनी सरसों की फसल को वापस घर ले गए हैं।
फतेहाबाद की पुरानी अनाज मंडी में सरसों को लेकर पहुंचे किसान महाबीर, रोहताश, दलीप कुमार, जीतरात, सूरज और हरि सिंह आदि ने बताया कि निजी व्यापारी सरसों की फसल को एमएसपी से ज्यादा भाव पर खरीद रहे थे, इसके चलते उन्हें और भी रेट बढ़ने की उम्मीद थी। लेकिन सोमवार को जब मंडी में आए तो पता चला कि सरसों की खरीद मात्र अधिकतम 5650 रुपये प्रति क्विंटल तक है।
मैं सोमवार को अपनी दो एकड़ की सरसों की फसल लेकर फतेहाबाद की पुरानी अनाज मंडी में पहुंचा था। यहां पहुंचने के बाद निजी व्यापारियों ने मेरी फसल का भाव 5645 रुपये प्रति क्विंटल का लगाया है। ऐसे में मजबूरन सरसों की फसल को वापस घर ले जा रहा हूं।
-हरपाल, किसान फतेहाबाद
मैं साेमवार को अपनी सरसों की फसल को मंडी में लेकर पहुंचा हूं, फसल में नमी मात्रा ज्यादा है, जिससे मेरी फसल की सरकारी खरीद नहीं हो सकी। इसके बाद निजी व्यापारियों ने मेरी फसल का भाव मात्र 5590 रुपये प्रति क्विंटल का लगाया है।
-महाबीर, किसान, निवासी, ढिंगसरा
सरसों की फसल को शनिवार को जहां 5980 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदा जा रहा था, वहीं सोमवार को निजी व्यापारियों की मिलीभगत से मात्र 5600 रुपये प्रति क्विंटल का भाव लगाया है। इससे मुझे प्रति क्विंटल 350 रुपये का नुकसान सहना पड़ रहा है।
-रोहताश कुमार, किसान, गांव भिरड़ाना।
मंडी में सरसों की खरीद के लिए नमी मात्रा 8 फीसदी तय की गई है, लेकिन अब पिछले तीन दिनों से ठंड बढ़ने से सरसों की फसल में नमी की मात्रा बढ़ गई है। इससे मजबूरन निजी व्यापारियों को सस्ते दर में फसल बेचनी पड़ रही है।
-दलीप कुमार, किसान, निवासी मानावाली
:: सरकार की ओर से 8 फीसदी नमी मात्रा तक की सरसों की फसल की खरीद की जा रही है। इसके चलते जिले में अभी करीब 8000 क्विंटल सरसों की खरीद हो चुकी है।
-यशपाल मेहता, मार्केट कमेटी सचिव, फतेहाबाद।