फतेहाबाद के गांव बबनपुर में जलती पराली को बुझ़ाता कृषि विभाग का कर्मचारी।
फतेहाबाद। जिले में रविवार को भी दो स्थानों पर पराली जलाई गई है। इसके साथ ही जिले में पराली जलाने के मामलों का आंकड़ा 576 तक पहुंच गया है। हालांकि रविवार को हवा चलने के कारण वातावरण में धुएं का प्रकोप कम दिखाई दिया। वहीं कई दिनों बाद जिले में 300 से नीचे आया है। अगले दो दिन रिमझिम बारिश के आसार हैं, ऐसे में पराली जलाने के मामले रुक भी सकते हैं। फतेहाबाद में रतिया क्षेत्र में दो स्थानों पर पराली जलाने की लोकेशन हरसेक ने कृषि विभाग को भेजी है, जबकि रविवार को किसी भी किसान पर केस दर्ज नहीं किया गया। विभाग ने अब तक 28 किसानों पर पराली जलाने के आरोप में केस दर्ज किया है। रविवार को जिले में एक्यूआई का स्तर 297 दर्ज किया गया है। जिले में लगभग धान की कटाई हो चुकी है और करीब 25 हजार एकड़ में धान अभी भी पकने को तैयार है। ऐसे में पराली जलाने के मामले तो बढ़ेंगे, लेकिन कृषि विभाग व प्रशासन का पुरजोर प्रयास है कि धान की पराली न जलाई जाए। अब तक जिले में 576 स्थानों पर पराली जलाई जा चुकी है, जबकि पिछले साल आंकड़ा 770 का था।
कोट
पराली जलाने के मामले में पिछले साल की अपेक्षा इस बार कमी आई है। किसानों को समझाया जा रहा है और उनको पराली प्रबंधन की ओर अग्रसित किया जा रहा है। अब तक 28 किसानों पर केस दर्ज करवाए गए हैं और 320 किसानों को 8 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है।
-डॉ. राजेश सिहाग, डीडीए, फतेहाबाद।