फतेहाबाद। जिले में रोजाना 30 से 35 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे हैं और वे एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंच रहे हैं। लेकिन नागरिक अस्पताल में 15 दिन से वैक्सीन ही नहीं है। इसके चलते अस्पताल आने वाले मरीज बिन उपचार लौटने को मजबूर हो रहे है।
वहीं वेंडर ने भी वैक्सीन देने से मना कर दिया है। वैक्सीन को लेकर वेंडर नकद राशि मांग रहे हैं लेकिन जानकर हैरानी होगी कि विभाग के पास वैक्सीन खरीदने के लिए बजट ही नहीं है। वेंडर के वैक्सीन न देने के पीछे वजह ये बताई जा रही है कि रेट में बढ़ोतरी हो चुकी है और पुराने रेट में बेचना नहीं चाहते हैं। वहीं विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वैक्सीन को लेकर नए रेट के टेंडर प्रक्रिया अभी शुरू की जानी है। वेयर हाउस से वैक्सीन की सप्लाई न होने से सिविल सर्जन कार्यालय वेंडर से खरीद करता है।
नगर परिषद का टेंडर भी नहीं चढ़ रहा है सिरे
शहर में कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी और टीकाकरण को लेकर नगर परिषद तीन बार टेंडर लगा चुका है। लेकिन टेंडर प्रक्रिया सिरे नहीं चढ़ पा रही है। वजह ये है कि नगर परिषद ने टेंडर में करीब 34 शर्तें लगा रखी हैं। इन शर्तों को एजेंसी पूरा नहीं कर पा रही है।
ये हैं रैबीज के लक्षण
- शरीर में थकावट रहना
- मांसपेशियों में दर्द होना
- मन में अजीबोगरीब ख्याल आना, मन विचलित रहना
- कान में आवाज सुनाई देना
- पानी और हवा से डर लगना
-नागरिक अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन खत्म है। सिविल सर्जन कार्यालय को डिमांड भेज रखी है। लेकिन पीछे से सप्लाई न होने के कारण दिक्कत आ रही है।
- डॉ. बुधराम, एसएमओ, नागरिक अस्पताल, फतेहाबाद।
एंटी रैबीज वैक्सीन को लेकर दिक्कत आ रही है। वैक्सीन के रेट बढ़ चुके हैं, वेंडर इसके चलते सप्लाई नहीं दे रहे हैं। जल्द ही नए रेट के हिसाब से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अस्पतालों को भी कहा गया है कि किसी अन्य फंड से खरीद कर लें ताकि दिक्कत न आएं।
- ईश्वर सिंह, सीनियर, फार्मेसी ऑफिसर, सिविल सर्जन, फतेहाबाद।
नागरिक अस्पताल में ये लोग पहुंचे एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने
वजह अगस्त जुलाई जून मई
कुत्ते के काटने
151
190
205
205
बंदर के काटने
2
4
2
2
चूहे के काटने
0
0
0
1
बिल्ली के काटने
0
2
2
0