कुलां। क्षेत्र में लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण धान की फसल पर संकट गहराने लगा है। खेतों में नमी की कमी के चलते रोपाई के बाद पौधों की बढ़वार प्रभावित हो रही है। कई स्थानों पर धान के पौधे मुरझाने लगे हैं जिससे किसानों को उत्पादन में गिरावट की चिंता सताने लगी है।
किसान निर्मल भट्टी, लोहिया सिंह, गिन्दर बाठ, सुखविंदर सिंह और प्रीतम सिंह ने बताया कि मानसूनी बारिश में देरी के कारण खेतों की मिट्टी सूख रही है और कुछ क्षेत्रों में दरारें भी दिखाई देने लगी हैं। पर्याप्त पानी नहीं मिलने से फसल का विकास प्रभावित हो रहा है।
किसानों का कहना है कि बारिश के अभाव में उन्हें ट्यूबवेल और अन्य साधनों से सिंचाई करनी पड़ रही है। इससे डीजल, बिजली और अन्य कृषि कार्यों पर खर्च बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि फसल को बचाने के लिए अतिरिक्त देखभाल और दवाइयों पर भी खर्च करना पड़ रहा है।
किसानों ने प्रशासन और कृषि विभाग से धान की फसल को बचाने के लिए नहरों में पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाने और सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते कदम उठाए गए तो फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है।