रतिया। लघु सचिवालय स्थित महिला एवं बाल विकास कार्यालय में बाल विवाह रोकने को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल और सुपरवाइजर कोमल ने भाग लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अधिकारियों ने आगामी अक्षय तृतीया के मद्देनजर सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर बाल विवाह होने की आशंका अधिक रहती है, इसलिए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। रेखा अग्रवाल ने बाल विवाह से संबंधित कानूनों की जानकारी देते हुए इसके दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि कम उम्र में विवाह होने से बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई का प्रावधान भी है।
यदि किसी विवाह में लड़का या लड़की निर्धारित आयु से कम पाए जाते हैं, तो इसकी सूचना तुरंत विभाग को देना अनिवार्य है। साथ ही बाल विवाह में सहयोग करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बाल विवाह रोकने के उपायों के साथ-साथ कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता फैलाकर इस कुप्रथा को समाप्त करने में सक्रिय भूमिका निभा सकें।