रतिया जांच करने के लिए मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे जोनल प्रवर्तन अधिकारी राजीव चौधरी: संवाद
रतिया। उत्तर प्रदेश और बिहार से धान लाकर रतिया अनाज मंडी में बेचने के मामले की जांच शुरू हो गई है। मंगलवार को क्षेत्रीय विपणन अधिकारी राजीव चौधरी के नेतृत्व में टीम मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंची और मामले की जांच की।
जांच टीम ने भारतीय किसान यूनियन (खेती बचाओ) के प्रदेश अध्यक्ष राजविंदर चहल और प्रदेश प्रवक्ता राम जाट के बयान दर्ज किए। टीम ने मार्केट कमेटी के अधिकारियों से भी संबंधित रिकॉर्ड तलब किया।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि लंबे समय से उत्तर प्रदेश और बिहार से सस्ता धान लाकर रतिया क्षेत्र की मंडियों में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। इससे स्थानीय किसानों को नुकसान हो रहा है और सरकार के राजस्व पर भी असर पड़ रहा है।
उन्होंने मांग की कि बाहर से धान लाकर बेचने वालों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ मामला दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में कुछ आढ़ती और ट्रांसपोर्टर भी शामिल हैं। वे बाहर से लाए गए धान को हरियाणा का बताकर मंडियों में बेच देते हैं।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने रतिया में धान से भरी कई ट्रॉलियां पकड़ी थीं। बाद में इन ट्रॉलियों को गुरुद्वारा अजीतसर परिसर में खड़ा करवाया गया था। किसानों का दावा था कि ट्रॉलियों में भरा धान उत्तर प्रदेश और बिहार से लाया गया है।
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मामले की जांच शुरू कर दी गई है। किसान नेताओं के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और मार्केट कमेटी के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- राजीव चौधरी, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी।