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Fatehabad News: स्वतंत्र न्यायपालिका लोकतंत्र की आधारशिला, संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता जरूरी

Fri, 09 Oct 2026 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद। ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन के सम्मेलन में उपस्थित अ​धिवक्ता स्त्रोत आयोजक
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फतेहाबाद। ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन, हरियाणा के सातवें राज्य सम्मेलन के अवसर पर बार रूम में राज्यस्तरीय सेमिनार आयोजित किया गया। वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति और न्यायपालिका की भूमिका विषय पर हुए सेमिनार में वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने स्वतंत्र और निष्पक्ष न्यायपालिका को भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला बताया।
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अग्रवाल ने कहा कि संविधान की सर्वोच्चता, धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद और कानून के शासन की रक्षा करना अधिवक्ता समुदाय का ऐतिहासिक कर्तव्य है। उन्होंने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर चिंता जताते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सत्ता का अत्यधिक केंद्रीकरण कर रही है और संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता कमजोर हो रही है।
अग्रवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया से भारत के मुख्य न्यायाधीश को बाहर रखने संबंधी 2023 के कानून की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इससे कार्यपालिका का प्रभाव बढ़ा है। निष्पक्ष लोकतंत्र के लिए चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
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उन्होंने महिला अधिवक्ताओं को दो मातृत्व अवसरों पर पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की। साथ ही बार एसोसिएशनों और बार काउंसिलों में दलित अधिवक्ताओं के लिए उचित आरक्षण और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
सेमिनार की संयुक्त अध्यक्षता एआईएलयू के राज्य उपाध्यक्ष चांदी राम पातड़, जिला अध्यक्ष एडवोकेट कमलेश वशिष्ठ तथा जिला बार एसोसिएशन फतेहाबाद के प्रधान सुभाष जांगू ने की, जबकि मंच संचालन बार सचिव शाहनवाज भट्टी ने किया।
सेमिनार में रतिया बार एसोसिएशन के प्रधान वेद कंबोज, फतेहाबाद बार के उपप्रधान प्रेम परमजीत, स्वागत समिति के चेयरमैन खजान सिंह, चंद्रभान ढाका और रामचंद्र सिवाच सहित प्रदेशभर से आए बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
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इतिहास से सीखकर सत्ता के दबाव से मुक्त रहे न्यायपालिका : चंदी
एआईएलयू के राज्य सह-सचिव एडवोकेट राजविंदर सिंह चंदी ने मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने संबंधी शिकायतों पर चिंता जताते हुए कहा कि न्यायपालिका को सांविधानिक अधिकारों से जुड़े मामलों में समयबद्ध और प्रभावी हस्तक्षेप करना चाहिए। वहीं एआईएलयू के राज्य सचिव एडवोकेट कुलदीप सिंह ने वकीलों से किसानों, मजदूरों, महिलाओं और कमजोर वर्गों की कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए आगे आने का आह्वान किया।
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