एडीआर सेंटर में खंड के सरपंचों, पंचों व ग्राम सचिवों की बैठक की अध्यक्षता करते सीजेएम गायत्री।
फतेहाबाद। जिला एडीआर सेंटर में बुधवार को फतेहाबाद खंड के सरपंचों, पंचों और ग्राम सचिवों की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी और जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव गायत्री ने की। इस दौरान नशा मुक्ति हरियाणा और बाल विवाह मुक्त भारत के जन आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया गया।
उन्होंने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं प्राधिकरण के अध्यक्ष दीपक अग्रवाल के मार्गदर्शन में इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को नशे के दुष्प्रभाव और एनडीपीएस अधिनियम के कानूनी प्रावधानों के बारे में जागरूक करना है। अभियान का उद्देश्य नशे की गिरफ्त में आ चुके युवाओं को मुख्य धारा से जोड़ना है। ऐसे में उन्हें जिले में उपलब्ध पुनर्वास सेवाओं के बारे में भी विस्तार से बताया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस व्यापक अभियान का उद्देश्य एक सशक्त जन आंदोलन का रूप देना है। समाज को प्रेरित करने के लिए उन नागरिकों की सकारात्मक कहानियों को लोगों तक पहुंचाया जाएगा जिन्होंने नशा छोड़कर एक नया जीवन शुरू किया है। इसी तरह रैलियां, प्रतियोगिताएं और कानूनी साक्षरता सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं।
सीजेएम गायत्री ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं एवं पंचायत के सहयोग से नशे के खिलाफ और बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन बनाने का संकल्प लें। पैनल अधिवक्ता कमलेश वशिष्ठ ने नशे के दुष्परिणाम तथा एनडीपीएस एक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल ने बाल विवाह से संबंधित कानून व बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी प्रदान की।
इस दौरान एसईसीपो इंद्रपाल सिंह, महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल, पैनल अधिवक्ता कमलेश वशिष्ठ और फतेहाबाद खंड के गांवों से आए पंच, सरपंच और ग्राम सचिव मौजूद रहे।