फतेहाबाद के नागरिक अस्पतालममें दवाई लेने के लिए लाइन में लगे मरीज संवाद
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में मरीजों को सस्ती दवाइयां और चिकित्सा उपकरण मुहैया करवाने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। अस्पताल प्रशासन ने फिलहाल अमृत फार्मेसी खोलने से इन्कार कर दिया है जबकि स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए प्रस्ताव मांगा था। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि स्टाफ की कमी और अस्पताल परिसर में स्थान का अभाव होने से फिलहाल खोलना संभव नहीं है।
अस्पताल में पहले खोला गया प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र पिछले नौ महीनों से बंद पड़ा है। यहां के लिए खरीदी गई दवाइयों की मियाद भी समाप्त हो चुकी है। अस्पताल की डिस्पेंसरी में रोजाना करीब डेढ़ हजार मरीज दवाइयां लेने के लिए पहुंचते हैं लेकिन कई जरूरी दवाइयां फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं। इस स्थिति के चलते मरीजों को दवाइयों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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फार्मेसी ऑफिसर नहीं अमृत फार्मेसी कौन चलाए
अस्पताल में फार्मेसी ऑफिसर के आठ पद स्वीकृत हैं लेकिन वर्तमान में केवल तीन ही कार्यरत हैं। ऐसे में मौजूदा स्टाफ पहले से ही कार्यभार के दबाव में है। प्रशासन का कहना है कि इस स्थिति में अमृत फार्मेसी जैसी अतिरिक्त व्यवस्था को संभालना उनके लिए संभव नहीं है। इसके अलावा अस्पताल परिसर में अमृत फार्मेसी के लिए अलग से स्थान भी उपलब्ध नहीं है।
9 माह से बंद है जनऔषधि केंद्र
अस्पताल में पिछले साल फरवरी माह में प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र संचालित किया गया था लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। मरम्मत कार्य के चलते करीब नौ माह पहले यह केंद्र बंद कर दिया गया।
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नागरिक अस्पताल में अमृत फार्मेसी खोलने का प्रस्ताव मांगा गया था लेकिन जगह के अभाव के साथ स्टाफ भी नहीं है। फार्मेसी ऑफिसर की पहले से कमी है। नए भवन में ही ये सुविधा संभव हो पाएगी। मेडिकल ऑफिसर की मीटिंग लेकर निर्देश दिए हैं कि जो दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं उन्हें मंगवाया जाए।
-डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन