फतेहाबाद। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि देश को मिली आजादी के लिए अनेक लोगों ने शहादत देकर कीमत चुकाई है। लाखों परिवारों को भारत-पाकिस्तान के विभाजन की विभीषिका का सामना करना पड़ा। विभाजन की पीड़ा भूले से भी नहीं भुलाई जा सकती है। यह बेहद दुखद अहसास है। अब हम सभी को संकल्प लेना चाहिए कि इस आजादी को कोई खंडित न कर पाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों ने विभाजित हुए लोगों के दर्द को नहीं जाना।
सोमवार को नई अनाज मंडी में आयोजित राज्यस्तरीय विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत मां के शरीर के दो अंग काट कर पूर्वी पाकिस्तान और पश्चिमी पाकिस्तान बना दिए गए। यह शहीदों व विभाजित हुए लोगों के खून व आंसुओं से लिखी हुई कहानी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2021 में लालकिले से इस विषय पर चर्चा की और 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका दिवस मनाने का एलान किया। वर्ष 2022 में पहला कुरुक्षेत्र और इस बार दूसरा विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस फतेहाबाद में मनाया गया है। यह दिन शहादत देने वालों को याद करने का दिन है।
पीपली में बनेगा पंचनद स्मारक ट्रस्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचनद संस्था ने पिछले 15 सालों से विभाजन के पीड़ितों को याद करने का जिम्मा उठाया। पंचनद स्मारक ट्रस्ट द्वारा कुरुक्षेत्र के पीपली में देश का विश्वस्तरीय शहीद स्मारक बनाया जा रहा है। सरकार की ओर से इस कार्य के लिए वित्तीय सहायता के बजाय समाज के लोगों से सहयोग लिया जाएगा। पंचनद स्मारक ट्रस्ट के लिए वे स्वयं अपने संपर्क से समाज के लोगों के सहयोग से साढ़े पांच करोड़ रुपये की राशि एकत्र करके देंगे। इसके अलावा विधायक सुभाष सुधा, विनोद भयाना, सीमा त्रिखा, प्रमोद विज, लक्ष्मण नापा, हिसार के मेयर गौतम सरदाना सहित 11 लोगों की ओर से 51-51 लाख रुपये के सहयोग की भी घोषणा की गई।
मनोहर लाल पर गर्व करे पंजाबी समाज: धर्मदेव
पंचनद स्मारक ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी धर्मदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री मनेाहर लाल पर पंजाबी समाज को गर्व करना चाहिए। वह प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की चिंता करते हैं। उन्होंने मंच से एलान किया कि तीसरी बार भी मनोहर लाल को मुख्यमंत्री बनाना है।
कृष्ण मिड्ढा के विवादित बोल
जींद के विधायक कृष्ण मिड्ढा ने अपने संबोधन में कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच विभाजन के दौरान खूब मारकाट हुई। पाकिस्तान से ट्रेनों में लाशें भेजी गई। जब आरएसएस ने यहां से भी लोगों को काटकर ट्रेन भेजी, तब जाकर वहां से ट्रेनें आने का सिलसिला बंद हुआ। उन्होंने कहा कि पंजाबी समाज ने विस्थापित होने के बावजूद नाम कमाया है।
अलग से बॉक्स
ढिंगसरा की दीपिका और महमदकी की जसविंद्र कौर बनीं चिरायु योजना विस्तार की पहली लाभार्थी
मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा 1,80000 से 3,00000 तक की आय वाले परिवारों को भी चिरायु योजना में शामिल करने का पोर्टल फतेहाबाद से ही लांच किया। पोर्टल के जरिये भट्टू क्षेत्र के गांव ढिंगसरा की दीपिका और रतिया खंड के गांव महमदकी की जसविंद्र कौर योजना की पहली लाभार्थी बनीं। मुख्यमंत्री के सामने ही दोनों का पोर्टल पर 1500-1500 रुपये का प्रीमियम भरकर योजना का लाभ दिया गया।