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Fatehabad News: एंबुलेंस चालकों और ईएमटी को चार ड्रेस मिली न दो जोड़ी जूते, लैप्स हो गया बजट

Mon, 15 Apr 2024 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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मुकेश खुराना
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फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अपने कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड बेशक लागू कर दिया है, मगर विभाग एंबुलेंस पर तैनात चालकों और ईएमटी को वर्दी देने के नाम पर मजाक कर रहा या फिर खानापूर्ति, यह खुद कर्मचारी भी नहीं समझ पा रहे हैं।
मुख्यालय ने पांच हजार रुपये के हिसाब से बजट जारी किया, लेकिन जिला स्वास्थ्य विभाग इस राशि से न तो चार जोड़ी ड्रेस तैयार नहीं करवा पाया और न ही जूते खरीद पाया। इसके चलते पिछले वित्तीय वर्ष में आया बजट ही लैप्स हो गया। एंबुलेंस पर तैनात चालकों और ईएमटी को न ड्रेस मिली और न ही जूते।
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जिले में स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस पर 102 चालक और ईएमटी तैनात हैं। स्वास्थ्य विभाग इनके लिए पांच हजार रुपये का बजट जारी किया है। इस बजट से चालकों और ईएमटी के लिए चार जोड़ी ड्रेस तैयार करवानी होती है। इसके अलावा दो जोड़ी जूते भी देने होते हैं, लेकिन कोई भी एजेंसी इतनी कम राशि में वर्दी तैयार करके देने के लिए तैयार नहीं हुई। इसके अलावा न ही विभाग जूते खरीद पाया। बजट विभाग के पास रह गया और आखिर में लैप्स हो गया। संवाद


ये है जिले में एंबुलेंस की स्थिति
अस्पताल एंबुलेंस
फतेहाबाद - 4
टोहाना 3
अहरवां 1
रतिया 2
कुलां 1
म्योंदकलां 1
जाखल 1
नागपुर 1
नहला 1
भूना 1
पिरथला 1
मामुपुर 1
बनगांव 1
बड़ोपल 1
भिरड़़ाना 1
खैरातीखेड़ा 1
पीलीमंदोरी 1
भट्टूकलां 1

दो बार विभाग जारी कर चुका है ड्रेस कोड
स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड दो बार जारी कर चुका है। इसके बावजूद अस्पताल का 60 फीसदी स्टाफ बिना ड्रेस के आ रहा है। इसको लेकर अस्पताल प्रशासन की तरफ से कोई सख्ती नहीं बरती जा रही है। यहां तक सीएमओ कार्यालय का स्टाफ भी बिना ड्रेस कोड ही आ रहा है।

स्वास्थ्य विभाग को समय पर कर्मचारियों को वर्दी भत्ता देना चाहिए और पूरा देना चाहिए। कम वर्दी भत्ते में अच्छी क्वालिटी की खरीद पाना मुश्किल होता है। - विपिन शर्मा, स्वास्थ्य कर्मचारी संघ
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा जो बजट दिया गया था उसमें वर्दी और जूते खरीद पाना संभव नहीं था। इसको लेकर मुख्यालय को अवगत भी करवाया गया कि इतनी राशि में नहीं खरीद सकते हैं। इसके चलते बजट लैप्स हो गया। उच्च अधिकारियों की तरफ आगे जैसे निर्देश आएंगे वैसे ही कार्रवाई की जाएगी। - ईश्वर सिंह, मुख्य फार्मेसी अधिकारी
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