शहर की एक विवादित जमीन पर हाईकोर्ट द्वारा यथास्थिति का आदेश देने के बावजूद कब्जा करने की शिकायत पर पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने पर कई शहरवासी शहर थाना पहुंचे। संतोषजनक जवाब नहीं देने पर शहरवासियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उपरोक्त कब्जा कार्रवाई के अलावा एक दिन में ही हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना करते हुए अंदर खाते रजिस्ट्री करने तथा इंतकाल करने का भी प्रशासनिक अधिकारियों पर आरोप लगाया। प्रदर्शन व लोगों के गुस्से को देखते हुए शहर थाना प्रभारी जयभगवान शर्मा तुरंत कब्जा कार्रवाई स्थल पर पहुंचे और निर्माण कार्य रुकवाया। वहां पुलिस तैनात करके संबंधित लोगों को जमीन के दस्तावेजों सहित तलब किया।
वीरभान बंसल ने बताया कि उसने अपनी पत्नी राजरानी तथा उसकी चाची ने 10 कनाल जमीन गुरुदेव कौर व हरदेव सिंह से खरीदी थी। 6 कनाल 10 मरले भूमि जोगिंद्र सिंह व नछत्तर सिंह से 1997 में खरीदी थी। इस जमीन का इंतकाल भी उसकी पत्नी व चाची के नाम दर्ज हो चुका है। बाद में मलकीत सिंह के वारिसों ने उपरोक्त तबादले को दीवानी न्यायालय में 2004 में चैलेंज किया था। दीवानी न्यायालय ने वर्ष 2009 में परमजीत आदि के पक्ष में फैसला कर दिया। इसकी अपील सेशन कोर्ट ने 2012 में खारिज कर दी। सेशन कोर्ट में केस खारिज होने के बाद अब हाईकोर्ट ने यथास्थिति के आदेश दिए हुए हैं मगर 17 जुलाई को अंदर खाते एक ही दिन में रजिस्ट्री कर दी गई और उसका इंतकाल भी चढ़ा दिया गया। वीरभान बंसल के अलावा अग्रवाल सभा के अध्यक्ष अशोक गर्ग, व्यापार मंडल अध्यक्ष अमन जैन, सैलर एसोसिएशन अध्यक्ष सुरेश जिंदल, अमृतपाल काका, ओमप्रकाश खाई, दर्शनलाल, पाल कुमार, मदन सिंगला, सुखविंद्र गोयल, उमाकांत, पवन कुमार, सुशील कुमार, मदनलाल, डॉ. नरेश जिंदल और प्रवीण जग्गा आदि शामिल रहे।
शिकायतकर्ता व शहर के अन्य प्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य की सूचना दी थी जिसके चलते स्वयं मौके पर जाकर निर्माण को रुकवा दिया और उनको दस्तावेज सहित बुलाया है। जमीन का आपसी मामला है जिसकी जांच करवाई जाएगी। कानून व्यवस्था न बिगड़े इसलिए वहां पुलिस भी तैनात कर दी है। -जयभगवान शर्मा, प्रभारी, शहर थाना रतिया।