िरतिया बार एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य रमेश कंबोज एडवोकेट ने मुख्यमंत्री व उपायुक्त को पत्र लिखकर फतेहाबाद के तहसीलदार पर बिना प्रॉपर्टी आइडी के रजिस्ट्रियां करने का आरोप लगाया है। पत्र में एडवोकेट ने कहा कि नियमानुसार बिना आईडी के रजिस्ट्री नहीं की जाती लेकिन फतेहाबाद में मिलीभगत करके सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले की जांच करके दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
रतिया बार एसोसिएशन के सदस्य रमेश कंबोज ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उपायुक्त नरहरि सिंह बांगड़ व हिसार मंडल के आयुक्त को पत्र लिखकर बताया कि प्रदेश के सभी सब रजिस्ट्रार को मार्च 2019 में लिखित आदेश पारित किए थे कि नगर परिषद के अंदर प्रापर्टी की सेलडीड रजिस्ट्रर्ड होने से पूर्व उसकी प्रॉपर्टी आईडी बनाना जरूरी है। बिना प्रॉपर्टी आईडी के जमीन, मकान, प्लाट की रजिस्ट्री नहीं होगी। कंबोज ने कहा कि फतेहाबाद शहर में नगर परिषद से प्रॉपर्टी आईडी जारी करवाने के लिए डेवलपमेंट राशि जमा करवाने होते हैं। जिसके उपरांत ही आईडी जारी की जाती है। आरोप है कि तहसीलदार बिना प्रॉपर्टी आईडी लगाए कई रजिस्ट्रियां कर रहे हैं। एडवोकेट का आरोप है कि तहसीलदार प्रॉपर्टी आईडी के लिए जमा होने वाली सरकारी फीस का का आधा हिस्सा स्वयं लेकर प्रॉपर्टी रजिस्ट्रर्ड कर रहे हैं जिससे सरकार को प्रतिदिन करोड़ों रुपये का राजस्व का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाए। इस मामले में फतेहाबाद के तहसीलदार विजय कुमार ने कहा कि उनके कार्यालय में उनके द्वारा एक भी रजिस्ट्री बिना आईडी के नहीं की गई। इसके लिए वह किसी भी जांच के लिए तैयार है।