नगर परिषद में ठेकेदार के साथ मारपीट मामले में शिकायत देने जाते ठेकेदार और पार्षद प्रतिनिधि।
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नगर परिषद की सफाई शाखा में वीरवार को एक बार फिर हुआ हंगामा हाथापाई से मारपीट में बदल गया। दफ्तर खुलते ही सेनेटरी इंस्पेक्टर ओंकार सिंह और ठेकेदार अमित गर्ग के बीच जमकर मारपीट हुई। इस मारपीट में ठेकेदार घायल हो गए। उनको अस्पताल में भर्ती करवाया गया। पूरा घटनाक्रम कर्मचारियों और अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ। वहीं, नगर आयुक्त ने मामले की जानकारी होने से इनकार किया है।
ठेकेदार अमित गर्ग ने बताया कि नगर परिषद में ठेकेदारी करता है। करीब ढाई माह पहले जब सैनिटाइजर का छिड़काव किया जा रहा था तो उसने अपने ट्रैक्टर नगर परिषद लगाए थे। जिसका बिल करीब 1,25,000 रुपये है। ये बिल उसने नगर परिषद कार्यालय में जमा करा दिए। लेकिन बार-बार चक्कर काटने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया। इन बिलों के भुगतान के संबंध में वह वीरवार सुबह नप दफ्तर के सफाई ब्रांच पहुुंचा। वहां सेनेटरी इंस्पेक्टर ओंकार सिंह से बिल के बारे में पता किया तो जवाब मिला कि बिल फाड़ दिए है। जब उनसे बिल फाड़ने की वजह पूछी तो तो उसने झगड़ा शुरू कर दिया और हाथापाई हो गई। इस दौरान कुर्सी उसके सिर में लग गई। जिससे वह घायल हो गया।
ठेकेदार अमित गर्ग पर हमले की सूचना के बाद अन्य ठेकेदार मदन व पंछी तथा पार्षद प्रतिनिधि रणजीत ओढ़ भी पहुंच गए। ठेकेदार मदन ने आरोप लगाया कि एसआई ने उससे भी 9 हजार रुपये तीन माह पहले लिए थे। अब जब रुपये वापस मांगता है तो जवाब देता है कि कमीशन में हिसाब हो गया।
वहीं, मुख्य सफाई निरीक्षक मुकेश शर्मा ने कहा कि ठेकेदार ने बिल जमा करवाए थे और वह एसआई ओंकार के पास है। ठेकेदार को गलतफहमी हुई है। मामले को जल्द सुलझा लिया जाएगा।
वहीं सेनेटरी इंस्पेक्टर आेंकार सिंह ने कहा कि हमारे पास कोई बिल जमा नहीं हुए हैं और न ही कोई बिल फाड़ा गया है। सुबह ठेकेदार आया और उसने बेवजह गाली गलौज शुरू कर दिया। मैंने कोई हमला नहीं किया है। मैंने किसी से कोई कमीशन नहीं लिया है अगर किसी के पास सबूत है तो पेश करें।
मैं व्यस्त था, मुझे विवाद के बारे में जानकारी नहीं है। अगर कोई विवाद हुआ है तो उसे सुलझाया जाएगा। - समवर्तक सिंह, जिला नगर आयुक्त।