फतेहाबाद। प्रदेश में फैले डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। जिले में भी बीमारी फैलने से रोकने के लिए व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के लिए वीरवार को पंचकूला से टीम पहुंची। टीम ने डेंगू मरीजों के लिए बनाए गए वार्ड का निरीक्षण किया और निर्देश दिए कि व्यवस्था पूरी रखें और बेड सीएचसी स्तर पर भी रिजर्व रखे जाएं। टीम ने नागरिक अस्पताल में गंबूजिया मछली के लिए बनाए गए तालाब को भी जांचा। जिले में फिलहाल रैपिड फीवर सर्वे चल रहा है।जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ डॉ. विष्णु मित्तल ने कहा कि जिले में गंबूजिया मछलियां तालाबों में पहले डलवाई जा चुकी हैं और अब भी जरूरत के अनुसार डलवाई जा रही हैं। गांवों में फॉगिंग करवाई जा रही है और दवाई का स्टॉक भी काफी है। टीम में शामिल स्वास्थ्य विभाग के उप निदेशक डॉ. राकेश सैनी, एमपीएचडब्ल्यू शमशेर सिंह, तकनीकी अधिकारी राजेश कुमार ने नागरिक अस्पताल फतेहाबाद का निरीक्षण किया। जिले में डेंगू के 160 संदिग्ध केस मिल चुके हैं। जांच के दौरान डेंगू के लक्षण मिलने पर सैंपल लेकर लैब में भेजे गए। सैंपल रिपोर्ट निगेटिव आई है। जिले में इस साल अभी तक डेंगू और मलेरिया का कोई केस नहीं मिला है।
जिले में डेंगू के ये मिल चुके हैं मरीज
वर्ष डेंगू मरीज मिले
2015 189
2016 38
2017 419
2018 56
2019 29
2020 35
2021 993
2022 154
2023 0
डेंगू के लक्षण
अचानक तेज बुखार होना, अचानक तेज सिर दर्द होना, मांसपेशियों व जोड़ो में दर्द होना, आंखों के पीछे दर्द होना।
ये रखें सावधानियां
- खुद दवा न खाएं
- घरों के अंदर, आसपास गड्ढों में सात दिन से अधिक पानी एकत्र न होने दें।
- पुराना सामान जैसे टायर, टयूब, खाली-डिब्बे, पॉलीथिन के लिफाफे खुल में न फेंके।
- हैंड पंप व नल के आसपास पानी जमा न होने दें।
- मच्छरदानी का उपयोग करें एवं पूरी बाजू के वस्त्र पहनें।
- छतों पर रखी पानी की टंकियों को ढक्कन लगाकर बंद रखें।
कोट
जिले में डेंगू और मलेरिया का कोई केस नहीं मिला है। पंचकूला से आई टीम ने बचाव के लिए की गई व्यवस्था का निरीक्षण करने के लिए पहुंची है। टीम ने फील्ड में भी निरीक्षण किया है। -डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ